चेन्नई: जापान के महावाणिज्य दूत (कॉन्सुल जनरल) मुनियो ताकाहाशी ने कहा कि भारत-जापान संबंध और आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। 2027 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ से पहले, जापानी कंपनियों के भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने और दोनों देशों के आर्थिक विकास में योगदान देने की उम्मीद है।

शुक्रवार को चेन्नई में 'ओमरॉन हेल्थकेयर' (OMRON Healthcare) की विनिर्माण इकाई (मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी) के पूर्ण परिचालन की शुरुआत के अवसर पर बोलते हुए, उन्होंने कहा कि यह फैक्ट्री दोनों देशों के बीच बढ़ती आर्थिक साझेदारी और भारत के औद्योगिक विकास के प्रति जापान की प्रतिबद्धता का एक उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि यह निवेश केंद्र सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल के अनुरूप है और इससे भारत में ओमरॉन की दीर्घकालिक उपस्थिति मजबूत होगी। तमिलनाडु अपने मजबूत औद्योगिक आधार, कुशल कार्यबल और बुनियादी ढांचे के कारण जापानी निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है।

भारत-जापान सहयोग को केवल व्यापार और निवेश से कहीं आगे बताते हुए, उन्होंने कहा कि दोनों देश प्रमुख सामाजिक चुनौतियों, विशेष रूप से हृदय रोगों और उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) से निपटने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच और बीमारियों का जल्द पता लगाने को बढ़ावा देने की ओमरॉन की पहल, सार्वजनिक स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

ताकाहाशी ने उम्मीद जताई कि यह विनिर्माण इकाई और अधिक विस्तारित होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा होंगे और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (टेक्नोलॉजी ट्रांसफर) तथा व्यावसायिक साझेदारियों के अवसर खुलेंगे।

'गाइडेंस तमिलनाडु' (Guidance Tamil Nadu) के प्रबंध निदेशक दीपक जैकब ने इस शुरुआत को राज्य के मेडटेक (मेडिकल टेक्नोलॉजी) क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर बताया। यह इकाई उच्च मूल्य वाले मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्माण करेगी, जिसकी शुरुआत डिजिटल ब्लड प्रेशर मॉनिटर से होगी।

यह प्लांट प्रिसिजन टूलिंग, मोल्डिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स सेवाओं से जुड़े स्थानीय MSMEs (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) को भी बढ़ावा देगा। समावेशी विकास पर जोर देते हुए, जैकब ने कार्यबल में दिव्यांग व्यक्तियों को शामिल करने की ओमरॉन की परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्लांट पूरे भारत में समावेशी विनिर्माण (इंक्लूसिव मैन्युफैक्चरिंग) के लिए एक मॉडल के रूप में काम करेगा। OMRON ग्रुप के दीर्घकालिक विज़न, 'शेपिंग द फ्यूचर 2030' (Shaping the Future 2030) के तहत, हम तीन प्रमुख सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए काम कर रहे हैं: कार्बन न्यूट्रैलिटी हासिल करना, एक डिजिटल समाज का निर्माण करना, और स्वस्थ जीवन प्रत्याशा (healthy life expectancy) को बढ़ाना। OMRON हेल्थकेयर की भूमिका इनमें से तीसरी चुनौती में योगदान देना है—जिसके ज़रिए लोगों को रोज़मर्रा की ज़िंदगी में अपने स्वास्थ्य की निगरानी करने और ज़रूरत पड़ने पर सही चिकित्सा सुविधा पाने में मदद मिलती है," OMRON हेल्थकेयर कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष, अयुमु ओकाडा ने कहा।

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