Tamil Nadu तमिलनाडु: चेन्नई में सोमवार को डीएमके छात्र विंग द्वारा प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे छात्र विंग के पदाधिकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस वाहनों से वहां से हटाया।
यह विरोध प्रदर्शन राज्य के मानव संसाधन प्रबंधन मंत्री टी. सरथकुमार से जुड़े एक विवादित वीडियो को लेकर आयोजित किया जाना था। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें मंत्री के नशीली दवाओं का सेवन करने का दावा किया गया। वीडियो के वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। हालांकि मंत्री सरथकुमार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सफाई दी कि वीडियो की गलत व्याख्या की जा रही है। उन्होंने कहा कि वह अपने बच्चे को दवा की गोली पीसकर पाउडर के रूप में दे रहे थे और लोगों से अफवाहें तथा गलत जानकारी फैलाने से बचने की अपील की।
मंत्री के इस स्पष्टीकरण के बावजूद डीएमके छात्र विंग ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। संगठन ने मंत्री को तत्काल मंत्रिमंडल से हटाने की मांग करते हुए राज्यभर की सभी जिला मुख्यालयों में सोमवार को विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। इसी क्रम में चेन्नई के एग्मोर क्षेत्र में भी प्रदर्शन की तैयारियां शुरू कर दी गई थीं।
सोमवार सुबह डीएमके छात्र विंग के कार्यकर्ता एग्मोर में मंच तैयार कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और मंच निर्माण का काम रुकवा दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक स्थान पर किसी भी प्रकार का प्रदर्शन आयोजित करने के लिए महानगर पुलिस आयुक्त से कम से कम पांच दिन पहले अनुमति लेना अनिवार्य है। अधिकारियों के अनुसार आयोजकों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति प्राप्त नहीं की थी, इसलिए प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी जा सकती।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि बिना पूर्व अनुमति सार्वजनिक स्थान पर मंच बनाना और विरोध प्रदर्शन करना नियमों के विरुद्ध है। इसके बाद डीएमके छात्र विंग के नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया और दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर अतिरिक्त बल तैनात कर दिया।
जब कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस के निर्देशों के बावजूद प्रदर्शन करने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस वाहनों में बैठाकर वहां से हटाया। इस दौरान क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल रहा, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बनाए रखा।
डीएमके छात्र विंग ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के उनके अधिकार को रोका गया है। वहीं पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने दोहराया कि सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है और बिना अनुमति किसी भी आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती।
मंत्री टी. सरथकुमार के वीडियो को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रूप ले चुका है। विपक्षी दल इस मामले में सरकार से जवाब मांग रहे हैं, जबकि मंत्री पहले ही अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन कर चुके हैं। इसी मुद्दे को लेकर डीएमके छात्र विंग ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी, लेकिन चेन्नई में पुलिस द्वारा अनुमति नहीं मिलने के कारण प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही रोक दिया गया। फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है और आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।