चेन्नई: मद्रास हाई कोर्ट ने गुरुवार को पुलिस को निर्देश दिया कि वे सोशल मीडिया पर DMK नेताओं और उनके परिवार के सदस्यों को बदनाम करने वाले अश्लील और झूठे कंटेंट को तुरंत हटाने के लिए उचित कार्रवाई करें। यह निर्देश जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन ने DMK से जुड़े वकील एस. नटराजन की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
जज ने पुलिस से इस मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है और सुनवाई को 29 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया है।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील ए. सरवनन ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई झूठे और छेड़छाड़ किए गए डिजिटल कंटेंट (जैसे मीम्स, पोस्ट, ट्वीट और AI से बने वीडियो और तस्वीरें) बनाए और फैलाए गए हैं।
फेसबुक, इंस्टाग्राम और X (ट्विटर) पर मौजूद इन कंटेंट का मकसद DMK नेताओं और उनके परिवार के सदस्यों की छवि खराब करना और एक गलत नैरेटिव (धारणा) बनाना है।