Chennai.चेन्नई: तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के मौके पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी चेन्नई पहुंचे। उनका यह दौरा खास तौर पर उस समय में हुआ जब एम.के. स्टालिन के सहयोगी विजय ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।
शपथ ग्रहण समारोह के लिए राजधानी चेन्नई में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। समारोह स्थल और आसपास के मार्गों पर पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। अधिकारियों ने कहा कि भीड़ नियंत्रण और समारोह की सहजता सुनिश्चित करने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है।
राहुल गांधी की उपस्थिति से समारोह में राजनीतिक उत्साह और बढ़ गया है। कांग्रेस और DMK कार्यकर्ताओं ने उनके स्वागत में नारों और झंडों के साथ उत्साह दिखाया। राहुल गांधी ने समारोह स्थल पर विजय का स्वागत करते हुए उन्हें आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएँ दी।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राहुल गांधी का चेन्नई दौरा न केवल विजय और DMK के समर्थन का प्रतीक है, बल्कि यह तमिलनाडु में कांग्रेस के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव को भी दर्शाता है। इस अवसर पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहयोग मजबूत होगा।
समारोह में विजय ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और अपने भाषण में विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य तमिलनाडु को सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से मजबूत बनाना है। उन्होंने सभी दलों और नागरिकों से सहयोग की अपील की।
समारोह के दौरान राहुल गांधी ने भी भाषण दिया, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जनता के हित में सभी दलों को एकजुट होकर काम करना चाहिए और विकास की दिशा में कदम बढ़ाने चाहिए।
चेन्नई में राजनीतिक माहौल पूरे दिन उत्सवपूर्ण रहा। नागरिक और कार्यकर्ता दोनों ही इस ऐतिहासिक मौके का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित थे। शहर की सड़कों पर भारी भीड़ और उत्साह दिखाई दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस शपथ ग्रहण समारोह से तमिलनाडु की राजनीति में स्थिरता बढ़ेगी और केंद्र-राज्य सहयोग मजबूत होगा। साथ ही, यह कांग्रेस और DMK के गठबंधन को जनता के सामने मजबूती से प्रस्तुत करता है।