चेन्नई। तमिलनाडु के धारापुरम विधानसभा उपचुनाव का प्रचार अब महिलाओं को लेकर की गई कथित टिप्पणियों पर गरमा गया है। तमिलनाडु के मंत्री आर. निर्मल कुमार ने शनिवार को DMK नेताओं पर चुनाव प्रचार के दौरान महिलाओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि DMK अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन तथा उनके बेटे व विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की चुनावी सभाओं में इस्तेमाल की गई भाषा से पार्टी का कथित तौर पर “असली चेहरा” सामने आया है।

निर्मल कुमार ने DMK नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि धारापुरम में हाल के चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह महिलाओं के प्रति पार्टी के नजरिए पर सवाल खड़ा करती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं के भाषणों में भविष्य के लिए स्पष्ट राजनीतिक दृष्टि के बजाय व्यक्तिगत हमलों पर अधिक जोर दिखाई दिया। ये निर्मल कुमार के राजनीतिक आरोप हैं।

विवाद मुख्य रूप से DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन की उस चुनावी टिप्पणी से जुड़ा है, जो उन्होंने धारापुरम में अपनी पार्टी की उम्मीदवार एस. सुगन्या के समर्थन में प्रचार करते हुए TVK उम्मीदवार पी. सत्यभामा को लेकर की थी। स्टालिन ने सत्यभामा के राजनीतिक दल बदलने को लेकर उन पर हमला किया और उनके लिए ‘पेट्टी बामा’ तथा ‘पलटी बामा’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। इसी दौरान उनकी शारीरिक बनावट से जुड़ी टिप्पणी भी सामने आई, जिसे TVK नेताओं ने बॉडी शेमिंग और महिलाओं के अपमान से जोड़ा है।

सत्यभामा इससे पहले AIADMK के टिकट पर धारापुरम से विधायक चुनी गई थीं। बाद में उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर सत्तारूढ़ TVK का दामन थाम लिया। अब वह धारापुरम उपचुनाव में TVK की उम्मीदवार हैं। DMK नेताओं ने उनके पार्टी बदलने को लेकर लगातार सवाल उठाए हैं, जबकि सत्यभामा ने पैसे लेकर दल बदलने के आरोपों को पहले ही खारिज किया है।

स्टालिन की टिप्पणी के बाद TVK के कई नेताओं और मंत्रियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज ने आरोप लगाया कि स्टालिन ने सत्यभामा की शारीरिक बनावट का मजाक उड़ाया और यह महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। TVK की ओर से स्टालिन से माफी की मांग भी की गई है।

TVK ने इस मामले को चुनाव आयोग तक भी पहुंचाया है। पार्टी ने स्टालिन के खिलाफ शिकायत देते हुए उनकी टिप्पणी को चुनाव आचार संहिता से जोड़कर कार्रवाई की मांग की है। यह शिकायत TVK की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधारित है और चुनाव आयोग को इस पर आगे की प्रक्रिया तय करनी है।

निर्मल कुमार ने इसी विवाद को लेकर DMK नेतृत्व पर हमला तेज किया। उन्होंने कहा कि चुनावी राजनीति में नीतियों, विकास और जनता से जुड़े मुद्दों पर बहस होनी चाहिए, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियां राजनीतिक संवाद को गलत दिशा में ले जाती हैं। उन्होंने स्टालिन और उदयनिधि की प्रचार शैली को लेकर सवाल उठाए और कहा कि मतदाता इसे देख रहे हैं।

उदयनिधि स्टालिन भी धारापुरम में DMK उम्मीदवार एस. सुगन्या के लिए प्रचार कर चुके हैं। उन्होंने अपने भाषण में सत्यभामा को निशाने पर लेते हुए उन पर मतदाताओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया था। उदयनिधि ने कहा था कि सत्यभामा AIADMK उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने के बाद TVK में चली गईं और मतदाता इसे नहीं भूलेंगे। उन्होंने सत्यभामा पर कटाक्ष करते हुए विधानसभा में उनके व्यवहार को लेकर भी टिप्पणी की थी।

DMK की ओर से सत्यभामा के पार्टी बदलने को धारापुरम उपचुनाव का प्रमुख मुद्दा बनाया गया है। स्टालिन ने अपने प्रचार में आरोप लगाया कि राज्य की TVK सरकार अन्य दलों के विधायकों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर भी राजनीतिक हमला किया और TVK पर कथित ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ के आरोप लगाए। ये आरोप DMK की ओर से लगाए गए हैं।

दूसरी तरफ TVK ने दल-बदल और पैसे से जुड़े आरोपों को खारिज किया है। सत्यभामा भी पहले कह चुकी हैं कि उनके बारे में पैसे लेकर पार्टी बदलने की बातें गलत हैं। ऐसे में धारापुरम का चुनावी मुकाबला अब विकास और स्थानीय मुद्दों के साथ उम्मीदवारों के दल बदलने तथा प्रचार में इस्तेमाल की जा रही भाषा पर भी केंद्रित हो गया है।

धारापुरम सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को निर्धारित है। DMK ने यहां एस. सुगन्या को उम्मीदवार बनाया है, जबकि TVK की ओर से पी. सत्यभामा मैदान में हैं। AIADMK ने के. भानुमति को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर कई उम्मीदवार मैदान में होने के कारण मुकाबला बहुकोणीय है।

चुनाव नजदीक आने के साथ प्रचार में आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज हो रहे हैं। स्टालिन ने TVK सरकार के कामकाज, कानून-व्यवस्था, आवश्यक वस्तुओं की कीमतों और चुनावी वादों को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय पर भी निशाना साधते हुए उनकी सरकार के प्रदर्शन की आलोचना की है।

वहीं TVK ने अब DMK नेताओं की भाषा को चुनावी मुद्दा बना दिया है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि महिला उम्मीदवार के खिलाफ शारीरिक बनावट से जुड़ी टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है। TVK के साथ अन्य नेताओं ने भी चुनाव प्रचार में व्यक्तिगत और शारीरिक टिप्पणियों से बचने की बात कही है।

निर्मल कुमार के शनिवार के बयान के बाद यह विवाद और तेज हो गया है। उन्होंने स्टालिन और उदयनिधि दोनों को निशाने पर रखते हुए दावा किया कि DMK नेतृत्व की टिप्पणियां महिलाओं के प्रति उसके रवैये को उजागर करती हैं। दूसरी तरफ DMK का चुनावी अभियान सत्यभामा के पार्टी बदलने और TVK सरकार के प्रदर्शन पर केंद्रित है।

अब मतदान से ठीक पहले महिलाओं के सम्मान और चुनावी भाषणों की मर्यादा का मुद्दा धारापुरम की राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। स्टालिन की टिप्पणी पर TVK की आपत्ति और निर्मल कुमार के नए आरोपों के बाद दोनों पक्षों के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। अंतिम फैसला मतदाताओं को करना है, जबकि संबंधित शिकायतों पर चुनाव आयोग की कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।

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