Chennai: ब्रेल साक्षरता पर आयोग की टिप्पणी पर दृष्टिबाधित संघ ने जताई आपत्ति
Chennai.चेन्नई: चेन्नई स्थित दृष्टिबाधित संघ ने चुनाव आयोग की हाल ही में की गई एक टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए उसे वापस लेने की मांग की है। आयोग की टिप्पणी में ब्रेल साक्षरता और दृष्टिबाधित मतदाताओं की क्षमता को लेकर संदर्भ दिया गया था, जिसे संघ ने भ्रामक और असंवेदनशील बताया।
संघ के अध्यक्ष ने कहा कि ब्रेल साक्षरता का ज्ञान रखने वाले दृष्टिबाधित नागरिक पूरी तरह से मतदान प्रक्रिया को समझ सकते हैं और स्वतंत्र रूप से अपनी पसंद के अनुसार मतदान कर सकते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से इस टिप्पणी को हटाने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का आग्रह किया।
दृष्टिबाधित संघ ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के बयान से दृष्टिबाधित लोगों की क्षमता पर सवाल उठाना अनुचित है और यह समुदाय में भ्रम और चिंता पैदा कर सकता है। संघ ने जोर देकर कहा कि ब्रेल साक्षरता वाले मतदाता सभी चुनाव प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से भाग ले सकते हैं और उन्हें मताधिकार के प्रयोग में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होती।
चुनाव आयोग के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संघ ने मीडिया से अपील की कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से उठाए और समुदाय के दृष्टिकोण को भी उजागर करे। संघ ने कहा कि ब्रेल साक्षरता किसी व्यक्ति की मतदान योग्यता या राजनीतिक समझ को कम नहीं करती।
विशेषज्ञों का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी मतदाताओं का समान अधिकार होना आवश्यक है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि दृष्टिबाधित लोगों के लिए मतदान सुविधाओं को और बेहतर बनाने के उपाय किए जा सकते हैं, लेकिन उनके ज्ञान या क्षमता पर सवाल उठाना अनुचित और भेदभावपूर्ण है।
संघ ने भविष्य में चुनाव आयोग से आग्रह किया कि दृष्टिबाधित मतदाताओं की योग्यता को सम्मान देने और उनकी भागीदारी को बढ़ावा देने वाले कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि इस मामले में आयोग को अपने बयानों की समीक्षा करनी चाहिए और समुदाय के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
अंततः, चेन्नई के दृष्टिबाधित संघ की यह मांग चुनाव आयोग की टिप्पणी पर विवाद की ओर इशारा करती है। यह मामला दृष्टिबाधित मतदाताओं के अधिकार और लोकतंत्र में उनकी भूमिका पर प्रकाश डालता है। संघ और अन्य संबंधित संगठनों ने आयोग से अनुरोध किया है कि वह स्थिति को सुधारें और भविष्य में इस तरह की संवेदनशील टिप्पणियों से बचें।