चेन्नई: मद्रास हाई कोर्ट ने सोमवार को मुख्य विपक्षी पार्टी DMK को TVK नेताओं और मंत्रियों CTR निर्मल कुमार (कानून और बिजली) और आधव अर्जुन (PWD) के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने की इजाज़त दे दी। यह मामला 'जेम' ग्रेनाइट्स के संस्थापक आर. वीरमणि के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले में द्रविड़ियन पार्टी के बारे में अपमानजनक बयान देने से जुड़ा है।

जस्टिस के. गोविंदराजन थिलाकवदी ने DMK की उस अर्ज़ी को मंज़ूरी दे दी जिसमें 1.01 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए मानहानि का मुकदमा करने की इजाज़त मांगी गई थी और दोनों मंत्रियों को ऐसे अपमानजनक बयान देने से रोकने की मांग की गई थी कि पार्टी ने दोषियों को बचाया है। यह अर्ज़ी DMK के महासचिव दुरई मुरुगन ने दायर की थी।

मंत्रियों और TVK IT विंग का प्रतिनिधित्व कर रहे एडवोकेट जनरल विजय नारायण, सीनियर वकील सतीश परासरन और वकील जी. मुरुगेंद्रन ने इजाज़त देने पर आपत्ति जताई थी। उनका तर्क था कि चूंकि प्रतिवादी सार्वजनिक पद पर हैं, इसलिए सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) की धारा 80 के तहत ज़रूरी पूर्व सूचना नहीं दी गई थी, और IT विंग कोई कानूनी इकाई नहीं है।

हालांकि, दुरई मुरुगन की ओर से पेश सीनियर वकील जे. रवींद्रन ने तर्क दिया कि मानहानि का मुकदमा निर्मल कुमार और आधव अर्जुन के खिलाफ TVK नेताओं के तौर पर उनकी व्यक्तिगत हैसियत से दायर किया जा रहा है, न कि सार्वजनिक पद संभालने वाले व्यक्तियों के तौर पर।

 

Tags: