चेन्नई: मद्रास हाई कोर्ट ने बुधवार को वीरमणि के खिलाफ बच्चे के यौन शोषण के मामले की जांच SIT से CBI को ट्रांसफर करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि SIT ने अभी-अभी जांच शुरू की है और उसे कम से कम थोड़ा समय तो मिलना ही चाहिए।
SIT का गठन सिर्फ़ चार दिन पहले हुआ था। यूट्यूबर वाराकी की CBI जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन ने कहा कि SIT से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह जादू करके कम समय में सारे सबूत इकट्ठा कर लेगी। जज ने आगे कहा, "मुझे यकीन है कि तमिलनाडु पुलिस के पास कोई जादुई गोला या जादुई छड़ी नहीं है जिससे वे हाथ घुमाते ही ज़रूरी सारे सबूत हासिल कर लें।"
जस्टिस लक्ष्मीनारायणन ने कहा कि जांच में समय लगता है, खासकर बच्चों के यौन शोषण के मामले में। कोर्ट ने कहा कि इस संवेदनशील मामले का इस्तेमाल पब्लिसिटी पाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इसमें बच्चे (खासकर SC समुदाय के बच्चे) शामिल हैं। कोर्ट ने SIT से प्रोग्रेस रिपोर्ट भी मांगी।
जज ने कहा कि हो सकता है कि याचिकाकर्ता का पिछली सरकार से कोई निजी झगड़ा हो, लेकिन बच्चे के यौन शोषण का मामला इसके लिए सही नहीं है।