मंगन प्रशासन ने लाचेन-लाचुंग में किया संयुक्त निरीक्षण
लाचेन और लाचुंग का लिया जायजा
मंगन: सिक्किम उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए, मंगन के जिला कलेक्टर-सह-मजिस्ट्रेट अनंत जैन के नेतृत्व में आज लाचेन और लाचुंग में 'झोरों' (प्राकृतिक जलधाराओं) और सीवेज डिस्चार्ज पॉइंट (गंदा पानी छोड़ने वाली जगहों) का संयुक्त निरीक्षण किया गया।
इस दौरान मंगन के ADM पेमा वांगचेन नामकरपा, चुंगथांग के ADC हेम सागर काफ्ले, SDM अरुण छेत्री, BDO जोना टारगेन, RDD के AE जोएल लामा, लैंड रेवेन्यू के RO केसांग रिकजिंग लेप्चा, लाचेन फॉरेस्ट के RO तेनजिंग भूटिया, लाचुंग फॉरेस्ट के RO तेनजिंग वांग्याल लेप्चा, PHE के JE सोनम जांगपो भूटिया, पिपोन (स्थानीय प्रमुख), लाचेन और लाचुंग के SHO, तथा संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान, मौजूदा सीवेज निपटान (सीवेज डिस्पोजल) प्रणालियों का जायजा लिया गया और राज्य भर की नदियों और झोरों में बिना उपचारित (अनट्रीटेड) गंदा पानी छोड़े जाने से रोकने के उपायों की पहचान की गई। टीम ने लाचेन और लाचुंग दोनों जगहों पर झोरों और सीवेज डिस्चार्ज पॉइंट की जांच की। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य सीवेज निपटान की मौजूदा व्यवस्थाओं का आकलन करना और इन दोनों क्षेत्रों में गंदे पानी के प्रभावी प्रबंधन के लिए उचित उपाय खोजना था।
जिला कलेक्टर ने सुझाव दिया कि जिन होटलों में पर्याप्त जगह उपलब्ध है, वहां 'सोक पिट' (जिन्हें इनफिल्ट्रेशन पिट या लीच पिट भी कहा जाता है) बनाए जाएं। उन्होंने यह भी सलाह दी कि जहां आवश्यक हो, वहां जमीन की उपलब्धता और संबंधित प्रतिष्ठानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सेप्टिक टैंक का निर्माण किया जाए।
पिपोन ने अपने-अपने क्षेत्रों में सीवेज निपटान के उचित तरीके अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि गंदे पानी का प्रभावी प्रबंधन हो सके और सीवेज डिस्चार्ज से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जा सके।
इसके अलावा, मंगन के DC ने 21 अक्टूबर 2026 को लाचुंग में घर में लगी आग से प्रभावित परिवार को अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया सहायता) सौंपी। यह सहायता जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवार को तत्काल राहत के रूप में दी गई थी।