सिक्किम: मुख्य सचिव आर. तेलंग ने 8 अक्टूबर को जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि वे देश की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनसंख्या जनगणना के लिए पर्याप्त मैनपावर, व्यापक प्रशिक्षण और कड़ी निगरानी सुनिश्चित करें।
तेलंग ने राज्य-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें गृह सचिव तेनज़िंग टी. कालेओन, जनगणना संचालन निदेशक कर्मा आर. बोनपो, सभी छह जिलों के जिला कलेक्टर, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट, मुख्य जनगणना अधिकारी और जनगणना निदेशालय व अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से जनसंख्या गणना करने की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने 100 प्रतिशत कवरेज और सटीक डेटा संग्रह की आवश्यकता पर जोर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि जनसंख्या गणना चरण के लिए प्रश्नावली में विस्तृत जानकारी शामिल होगी, खासकर प्रवासन और आर्थिक गतिविधियों के बारे में। इस प्रक्रिया में जनसांख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक जानकारी भी शामिल होगी।
तेलंग ने कहा, "जनगणना का डेटा सरकारी नीतियों और योजनाओं का आधार बनता है।" उन्होंने सटीकता और गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मैनपावर, प्रशिक्षण और डिजिटल बुनियादी ढांचे पर ध्यान
बैठक में मैनपावर की जरूरतों, प्रशिक्षण, आईटी बुनियादी ढांचे, फील्ड-स्तर पर समन्वय, डेटा संग्रह और सत्यापन के साथ-साथ जन-जागरूकता अभियानों पर चर्चा की गई।
तेलंग ने जिला कलेक्टरों को शहरी क्षेत्रों के लिए पर्याप्त तैयारी करने और गणना करने वालों (एन्यूमरेटर) व पर्यवेक्षकों के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में अतिरिक्त मैनपावर की जरूरतों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाएगी और इस बात पर जोर दिया कि जनगणना डेटा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए फील्ड-स्तर पर प्रभावी निगरानी महत्वपूर्ण होगी।
मुख्य सचिव ने गणना करने वालों और पर्यवेक्षकों के व्यापक प्रशिक्षण का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया की सफलता अंततः फील्ड-स्तर पर इसके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
डेटा संग्रह से राजनीतिक अधिकारियों को दूर रखा गया
बैठक में गांव और ग्राम पंचायत स्तर के साथ-साथ गंगटोक नगर निगम क्षेत्र में सटीक डेटा संग्रह, पहचान और सत्यापन पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए निर्वाचित प्रतिनिधियों और राजनीतिक अधिकारियों को जनगणना डेटा संग्रह या सत्यापन में शामिल नहीं किया जाएगा।
बयान में कहा गया है कि अंतिम डेटा क्लीयरेंस और सत्यापन का काम जनगणना कार्यालय द्वारा किया जाएगा। सिक्किम ने 2027 की जनगणना के पहले चरण की तैयारियां पहले ही पूरी कर ली थीं, जिसमें डिजिटल सेल्फ-एन्यूमरेशन और घरों की लिस्टिंग शामिल थी। राज्य ने अप्रैल में पहला चरण शुरू किया, जिसमें पहली बार जनगणना डिजिटल तरीके से की जा रही है।