उदयपुर हत्याकांड अपडेट: रिपोर्ट में कन्हैयालाल की हड्डियों में आए दर्जनों फ्रैक्चर, इतना खून बहा कि 7 मिनट में हो गई मौत

उदयपुर हत्याकांड अपडेट

Update: 2022-06-30 06:05 GMT

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। उदयपुर (Udaipur). राजस्थान के उदयपुर में दुकान पर कपड़े सिल रहे टेलर कन्हैया लाल को सपने में भी अंदाजा नहीं था कि एक मैसेज उनकी जान ले लेगा और वह भी इतनी बर्बरता से कि पूछिए मत। बुधवार को जब पोस्टमार्टम किया गया और देर शाम इसकी रिपोर्ट पुलिस अफसरों तक पहुंची तो पुलिस अधिकारी खौफजदा हो गए। वैसे तो पूरे मामले को एनआईए ने ओवरटेक कर लिया है, लेकिन फिर भी अभी तक लोकल पुलिस मामले की जांच पडताल में एनआईए का साथ दे रही है। उदयपुर एसपी मनोज कुमार ने बताया कि ऐसी बेरहमी तो जानवर तक नहीं करते, बेहद दर्दनाक हत्याकांड रहा है। उतनी ही गंभीर सजा दिलाने के लिए देश भर की एजेंसियां जुट गई हैं।

कसाईयों वाले हथियार का किया उपयोग
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हमलावरों ने जो खंजर काम में लिया वह भारी और धारदार था। वह अक्सर समुदाय विशेष बहुल इलाकों मे मिलता है। उससे मवेशियों खास तौर पर बकरों की हड्डियां काटी जाती है। खंजर इतना भारी होता है कि एक ही वार में मांस और हड्डी तक को काट देता है। ज्यादा वार किए जाएं तो हड्डियों तक का चूरा बना सकता है। प्रदेश भर के कई बाजारों में इस तरह के खंजर मिलते हैं जो कसाई वर्ग काम में लेता है। इसी खंजर से इतने वार किए गए कि सिर, गर्दन और कंधे की हड्डियों में इतने फ्रैक्चर आए कि वह चूर चूर हो गई।
एंबुलेंस बुलाने तक का मौका नहीं मिला परिवार को
उदयपुर पुलिस ने बताया कि हत्या की सूचना के तुरंत बाद पुलिस मौके पर आ पहुंची थी। हत्या इतनी जघन्य थी कि दुकान पर काम करने वाले कारीगर और कन्हैया लाल के पड़ोसी दुकानदार एंबुलेंस तक को नहीं बुला सके थे। परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि गर्दन कटकर आधी लटक चुकी थी। इतना खून रिस रहा था कि बारिश के पानी में बहकर खून निकल गया।
क्यों की गई कन्हैया लाल की हत्या

मंगलवार, 28 जून को दोपहर करीब 3 बजे दो बाइक सवार युवक धानमंडी इलाके में मौजूद सुप्रीम टेलर्स की दुकान में पहुंचे। ये दुकान कन्हैयालाल की थी। दोनों ने कन्हैयालाल (40) से कहा- हमें कपड़े सिलवाने हैं। कन्हैयालाल जब माप ले रहे थे तभी आरोपियों ने उनपर हमला बोल दिया। दोनों ने तलवार से कई वार कन्हैया के ऊपर किया। जिस कारण मौके पर ही कन्हैयालाल की मौत हो गई। बता दें, कुछ दिन पहले उसने नुपुर शर्मा के सपोर्ट में एक पोस्ट सोशल मीडिया पर डाला था। जिसके बाद समुदाय विशेष से उसको लगातार धमकियां दे रहे थे। जिस कारण से उसने 6 दिन अपनी दुकान नहीं खोली थी। धमकी देने वालों के खिलाफ पुलिस में नामजद रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी। पुलिस ने कन्हैयालाल के दोनों हत्यारे रियास और गोस मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों उदयपुर के सूरजपोल क्षेत्र के निवासी हैं।


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