राजस्थान: बरसात में उगने वाली हरी सब्जियों की बाजार में भरमार है. इन दिनों बाजारों में मूंग-चवले की फली की खूब ब्रिकी हो रही है. इसकी एक फली 10-20 इंच की होती है, जो सेहत के लिए काफी लाभदायक बताई गई है. यह सब्जी बाजार में सिर्फ दो महीने ही रहती है. इसके बाद यह पकने लगती है. पकने के बाद इस सब्जी का स्वाद खत्म हो जाता है.
बरसात के सीजन में उग रही हरी सब्जियां बाजारों में इन दिनों खूब बिक रही हैं. इन्हीं सब्जियों में मूंग-चवले की फली खूब बिक रही है. एक फली 10-20 इंच की होती है, जिससे बाद में पकने के बाद मूंग की दाल बनती है. इस फली के अंदर मूंग के कच्चे दाने होते हैं और साथ में मूंग चवले की फली का पूरा हिस्सा भी लाभकारी होता हैं.
इस फली की सब्जी बनाई जाती है, जिसमें आलू, प्याज या अन्य सब्जियों के साथ इसको मिक्स कर दिया जाता है. ऐसे में उस सब्जी का स्वाद और स्वादिष्ट हो जाता है. अभी मूंग चवले की सब्जी का सीजन शुरू हो गया है तो यह सब्जी बाजार में आसानी से मिल जाएगी. यह सब्जी बाजारों में 30 से 40 रुपये किलो बिक रही है.
इस सब्जी को खरीदते हुए ध्यान रखें की हरी फलियों में सिर्फ कच्ची फलियों को ही लें. पकी फली की सब्जी नहीं बनती न ही उसमें स्वाद आता है. यह सब्जी 1-2 महीने ही मिलती है, इसके बाद इसकी फली पक जाती तब उसकी सब्जी नहीं बन पाती. मूंग चवले की फली एक कम कैलोरी वाली सब्जी है. इसलिए वजन घटाने में यह कारगर होती है.
जानकारों की मानें तो इस सब्जी में उचित मात्रा में विटामिन ए और विटामिन सी होता है. हरी सब्जी होने के कारण, इसमें फाइटो केमिकल्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. इस प्रकार यह कैंसर से लड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इसकी कम सोडियम की मात्रा और उच्च पोटेशियम की मात्रा हृदय सुरक्षा प्रदान करती है.
जानकारों का कहना है कि वहीं मूंग चवले की सब्जी उच्च रक्तचाप और मधुमेह का प्रबंधन करने में भी मदद करती है. इसके अलावा इसमें घुलनशील फाइबर भी शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है. ये सब्जी कैल्शियम, फोलेट और मैग्नीशियम का भी एक उचित स्रोत है.
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