भरतपुर में रामनवमी के त्योहार के दिन आज पुलिस और विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों के बीच विवाद खड़ा हो गया. विवाद तब शुरू हुआ जब शहर में एक धार्मिक स्थल के पास दुकानों पर बज रही रामध्वनि के लाउडस्पीकर को पुलिस द्वारा बंद करा दिया गया. शहर में राम धुन बज रही थी. पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने रामधुन को बंद करा दिया. रामधुन बंद कराने की सूचना पर विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए. फिर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी जिसके बाद काफी देर तक पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद बना रहा.


पुलिस ने बंद कराया था रामधुन
दरअसल श्री राम जन्मोत्सव समिति की तरफ से आज रामनवमी के अवसर पर शहर में शोभायात्रा निकाले जाने का निर्णय लिया गया था. शहर के मुख्य बाजार में भगवान राम को लेकर तुलसीदास जी का संदेश देने के लिए चौपाइयां व राम धुन लाउडस्पीकर के जरिए बजाये जा रहे थे. लेकिन जब पुलिस ने एक धार्मिक स्थल के पास लाउडस्पीकर को बंद कराया तो सूचना पर बजरंगदल और विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ता वहां पहुंचे लाउडस्पीकर को बन्द कराने का विरोध करने लगे.

लाउडस्पीकर बजाने की मिली अनुमति
हंगामा की सूचना पर पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे समझाइश के बाद लाउडस्पीकर शुरू कराने की बात पर सहमति बन सकी थी. पुलिस ने बताया की सूचना मिली थी कि रामधुन की जगह लाउडस्पीकर के जरिए भड़काऊ चीज चलाई जा रही है जिस पर लाउडस्पीकर बंद कराया गया था लेकिन यह सूचना गलत पाई गई. कोई विवाद नहीं हुआ है लोगों की समझाइश कर दी गई है. अब लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति दे दी गई है.


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