Sawai Madhopur: कृषि मंत्री का वनाधिकारियों पर फूटा गुस्सा
"शादी का कार्ड लेकर आए श्रद्धालुओं को रोका"
सवाई माधोपुर: राजस्थान की राजनीति में अपने आक्रामक तेवर और स्पष्टवादी छवि के लिए पहचाने जाने वाले कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा एक बार फिर अपने तीखे एक्शन को लेकर सुर्खियों में हैं। शुक्रवार देर शाम वे अपने दर्जनों समर्थकों के साथ सवाई माधोपुर जिले के प्रसिद्ध गणेश धाम पहुंचे, जहां उन्होंने रणथंभौर क्षेत्र में फैली अव्यवस्थाओं और वन विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर जमकर नाराजगी जताई।
डॉ. मीणा, जो प्रदेश के तेजतर्रार नेताओं में गिने जाते हैं, ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को जमकर लताड़ा और साफ शब्दों में कहा कि आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि रणथंभौर क्षेत्र में आमजन को वनाधिकारों के नाम पर बेवजह परेशान किया जा रहा है, जबकि ज़मीनी स्तर पर विकास और सुचारु प्रबंधन की स्थिति बेहद खराब है।
जनता से की सीधी बातचीत
गणेश धाम पहुंचने के बाद मंत्री ने स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि वन क्षेत्र में आवाजाही, पूजा-अर्चना और अन्य गतिविधियों को लेकर वन विभाग अनावश्यक रोकटोक कर रहा है, जिससे उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. मीणा ने कहा, “अगर वन अधिकारी जनता की भावनाओं को नहीं समझेंगे, तो सरकार को मजबूरन सख्त कदम उठाने पड़ेंगे। जनप्रतिनिधि होने के नाते, जनता का हित मेरे लिए सर्वोपरि है।”
अधिकारियों को दी चेतावनी
डॉ. मीणा ने मौके से ही उच्च अधिकारियों को फोन कर स्थिति की जानकारी दी और सख्त लहजे में कहा कि यदि अव्यवस्थाएं दूर नहीं हुईं तो वे खुद पुनः मौके पर आकर जनता के साथ धरना देंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जल्द ही मुख्यमंत्री को इस मुद्दे से अवगत कराकर आवश्यक कार्यवाही की मांग की जाएगी।
राजनीतिक हलकों में हलचल
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की यह कार्रवाई राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है, जहां वे अपने जनाधार को और मज़बूत करने में जुटे हैं। वहीं, उनके समर्थकों का कहना है कि मंत्री हमेशा से ही जनहित के मुद्दों पर बिना किसी दबाव के बोलते और कार्य करते आए हैं।
क्या आगे होगा?
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि डॉ. मीणा के इस एक्शन के बाद प्रशासन और वन विभाग क्या कदम उठाता है। वहीं स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि मंत्री की पहल से उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान जल्द निकलेगा।