उपभोक्ता प्रमाणित व सत्यापित बाट या माप यंत्र ही उपयोग में लेवें

Update: 2023-06-08 10:54 GMT


उपभोक्ता मामले विभाग की विधिक मापविज्ञान प्रकोष्ठ श्रीगंगानगर की ओर से उपभोक्ताओं से प्रमाणित व सत्यापित बाट या माप यंत्र ही उपयोग में लेने की अपील की गई है।
विधिक माप विज्ञान निरीक्षक श्री अमित कुमार चौधरी ने बताया कि व्यक्ति, फर्म, संस्था बाट, माप व तोलने के यंत्रों या मापक यंत्रों का उपयोग करता है तो उन्हें विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 एवं इनके अन्तर्गत बने नियमों के तहत सत्यापन एवं मुद्रांकन पश्चात ही उपयोग में लिया जा सकता है। ऐसे सत्यापित बाट व माप इत्यादि का निश्चित समय अन्तराल पुनः सत्यापन व मुद्रांकन करवाया जाना अनिवार्य है। असत्यापित बाट, माप व तोलने के यंत्रों या मापक यंत्रों का उपयोग करना दण्डनिय अपराध की श्रेणी में आता है।
उन्होंने बताया कि नियमों के तहत सभी तोलन मशीनों के उपयोगकर्ता द्वारा तोलन उपकरण के स्थान पर सम्यक रूप, सत्यापित एक टन का या तोलन उपकरण की अधिकतम क्षमता के दसवें हिस्से के बराबर का बाट (जो भी कम हो) रखना अनिवार्य है। विभाग द्वारा सत्यापन की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए पूर्णतया ऑनलाईन कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि उपयोगकर्ता द्वारा विभागीय एप्लीकेशन (ई-तुलामान) राजस्थान एसएसओ के जरिये निर्धारित शुल्क व दस्तावेज जमा करवाकर सत्यापन व मुद्रांकन का कार्य करवाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि बाट माप व यंत्रों का विक्रय/मरम्मत/विनिर्माण बिना संबंधित अनुज्ञापत्र के करना नियमों के तहत् दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आता है। सभी बाट माप व यंत्रों के सभी विक्रेता, मरम्मतकर्ता व विनिर्माता राज्य सरकार से संबंधित अनुज्ञापत्र प्राप्त करके ही कार्य करें।


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