Rajasthan में ऊर्जा क्षेत्र की नई शुरुआत

Update: 2026-07-03 10:20 GMT
Barmer | बाड़मेर : राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा से देश के ऊर्जा और औद्योगिक विकास के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। शनिवार को प्रधानमंत्री Narendra Modi भारत की पहली ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस परियोजना को देश की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास के लिहाज से एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड
(HPCL)
और राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम के रूप में विकसित की गई है। पचपदरा में स्थापित यह रिफाइनरी न केवल देश की पेट्रोलियम उत्पादन क्षमता को मजबूत करेगी, बल्कि राजस्थान को पेट्रोकेमिकल उद्योग के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
करीब 79,459 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना की कुल क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) है। इसके साथ ही इसमें 2.4 एमएमटीपीए की पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता को भी एकीकृत किया गया है। यह देश की पहली ऐसी परियोजना है जिसमें रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल उत्पादन दोनों एक ही परिसर में संचालित किए जा रहे हैं।
इस रिफाइनरी में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) से पेट्रोल, डीजल, एटीएफ सहित कई महत्वपूर्ण पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन किया जा रहा है। परियोजना के शुरू होने के साथ ही क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। इससे न केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार यह रिफाइनरी देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे भारत की पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और आयात पर निर्भरता भी कम होने की संभावना है। साथ ही यह परियोजना राजस्थान के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
पचपदरा रिफाइनरी को दुनिया की सबसे आधुनिक रिफाइनरियों में शामिल किया जा रहा है। इसके माध्यम से भारत वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में अपनी स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
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