अजमेर: स्वायत्त शासन विभाग ने शुक्रवार को 12 अधिकारियों की तबादला सूची में जयपुर ग्रेटर नगर निगम के उपायुक्त के पद पर कार्यरत मुकेश कुमार को किशनगढ़ नगर परिषद में आयुक्त के तौर पर स्थनांतरित किया है।

यहां कार्यरत आयुक्त धर्मपाल जाट को भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप में जिला कलक्टर डॉ भारती दीक्षित ने पिछले दिनों सस्पेंड कर दिया था। साथ ही, उपखंड अधिकारी सुनील कुमार चौहान को आयुक्त का कार्यभार संभालने के निर्देश दिए थे।

आयुक्त के पदच्युत होने का सिलसिला नगर परिषद में 2022 से शुरू हुआ था। राज्य सरकार ने सितंबर 2022 में यहां कार्यरत आयुक्त जोधाराम विश्नोई को एपीओ कर दिया था। इसके बाद स्वायत्त शासन विभाग ने साढ़े तीन महीनों से खाली पड़े नगर परिषद आयुक्त के पद पर धर्मपाल जाट की नियुक्ति की। विश्नोई नागौर से स्थानांतरित होकर मार्च 2022 में किशनगढ़ आए थे। उन्होंने नगर परिषद में 25 मार्च को आयुक्त पद का कार्यभार संभाला था।

इसके बाद जुलाई में उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच के मद्देनजर उन्हें निलंबित कर उनका मुख्यालय जैसलमेर कर दिया गया। विश्नोई ने तहसीलदार को कार्यभार सौंपा। इसके कुछ दिन बाद ही स्वायत शासन विभाग ने आदेश जारी कर उपखंड अधिकारी को आयुक्त पद का कार्यभार सौंपने के निर्देश दिए। इस पर 30 जुलाई 2022 को तत्कालीन एसडीएम परसाराम ने नगर परिषद में पदभार संभाल लिया। इस बीच विश्नोई जयपुर हाईकोर्ट चले गए और वहां से स्थगन ले आए।

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