Sri Ganganagar श्रीगंगानगर । राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार 10 जुलाई गुरू पूर्णिमा के पावन पर्व पर गुरूवंदन कार्यक्रम का आयोजन श्री धर्म संघ संस्कृत महाविद्यालय श्रीगंगानगर में किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक श्री जयदीप बिहाणी ने धर्मगुरूओं, संत, महात्मा, पुजारियों का सम्मान करते हुए उन्हें माननीय मुख्यमंत्री की ओर से भेजा गया शुभकामना संदेश, श्रीफल और शॉल भेंट किये।
विधायक श्री जयदीप बिहाणी ने कहा कि धर्म हमें संस्कार सिखाता है। किसी भी धर्म में पाप को वर्जित माना गया है। किसी भी जीव को प्रताड़ित करना भी वर्जित है। धर्म आपस में प्रेम भाव, स्नेह के भाव बढ़ाता है। हमारे धर्म ग्रंथों व धर्म गुरूओं ने भी सदैव नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी है। धर्म ग्रंथों व धर्म गुरूओं के बताए रास्ते पर चलने से एक अच्छे समाज का निर्माण होता है।
इस अवसर पर ब्रह्मचारी कल्याण स्वरूप जी महाराज ने उपस्थित विद्यार्थियों, आचार्यगणों और श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए गुरु-शिष्य परंपरा की महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ‘‘गुरु वह दीपक हैं, जो अज्ञान रूपी अंधकार को नष्ट कर आत्मज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं। गुरु केवल ज्ञान का स्रोत ही नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाला मार्गदर्शक भी हैं। व्यास पूजन केवल एक परंपरा नहीं, अपितु श्रद्धा, कृतज्ञता और ज्ञान की पुनस्मृति का प्रतीक है।’’ उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और संस्कृत भाषा के प्रति गर्व करने और इसे जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर एडीएम प्रशासन श्री सुभाष कुमार, एसडीएम गंगानगर श्री रणजीत कुमार, श्री मनीष गर्ग, श्री ओमी नायक, श्री लक्की दावड़ा, श्री कपिल असीजा सहित गणमान्य नागरिक व संस्कृत महाविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे