जयपुर : 8 अक्टूबर 2026। राजस्थान की राजधानी जयपुर में न्यू सांगानेर रोड पर सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। राजस्थान हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने सोडाला से गुर्जर की थड़ी के बीच सड़क को चौड़ा करने और अवैध निर्माण हटाने का अभियान शुरू किया है। गुरुवार को इस कार्रवाई का स्थानीय निवासियों और दुकानदारों ने विरोध किया। प्रभावित लोगों ने सड़क चौड़ीकरण के नाम पर मकानों और दुकानों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों और सड़क विकास योजना के तहत की जा रही है।न्यू सांगानेर रोड पर पिछले कई दिनों से सड़क चौड़ीकरण को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। सड़क किनारे रहने वाले परिवारों और कारोबार करने वाले दुकानदारों को अपने मकानों तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रभावित होने की चिंता सता रही है। कई व्यापारियों ने कार्रवाई से पहले ही दुकानों में रखा सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया था।
हाई कोर्ट के निर्देश पर शुरू हुई कार्रवाई
राजस्थान हाई कोर्ट में सोडाला से गुर्जर की थड़ी तक सड़क पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण को लेकर मामला विचाराधीन है। अदालत के निर्देशों के अनुसार जयपुर विकास प्राधिकरण को सड़क का सर्वेक्षण करने, अतिक्रमण चिह्नित करने और उन्हें हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाने हैं।इस मामले में जेडीए ने 6 अक्टूबर को अदालत को बताया था कि प्रस्तावित 30 मीटर चौड़े सड़क मार्ग पर लगभग 700 मीटर हिस्से से अतिक्रमण हटाया जा चुका है। प्राधिकरण ने स्थानीय विरोध, सीमांकन में लगने वाले समय और नगर निगम से जुड़े क्षेत्राधिकार संबंधी मुद्दों का हवाला देते हुए अभियान पूरा करने के लिए चार सप्ताह का अतिरिक्त समय भी मांगा था।
दुकानदारों और स्थानीय निवासियों में नाराजगी
न्यू सांगानेर रोड पर सड़क चौड़ीकरण अभियान का सबसे अधिक असर सड़क किनारे स्थित दुकानों और आवासीय भवनों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से संचालित दुकानों के प्रभावित होने से उनके कारोबार और रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो सकता है।व्यापारियों ने पहले भी प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में बाजार बंद कर प्रदर्शन किया था। उन्होंने पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखी थीं। व्यापारियों का दावा है कि बड़े स्तर पर दुकानों के प्रभावित होने से हजारों परिवारों की आजीविका पर असर पड़ सकता है। हालांकि, प्रभावित होने वाली दुकानों और परिवारों की अंतिम संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुने और सड़क चौड़ीकरण के दौरान किसी भी परिवार या कारोबारी के साथ अन्याय न हो।
अतिक्रमण हटाने से पहले किया गया सीमांकन
जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से सड़क चौड़ीकरण के लिए पहले विभिन्न निर्माणों का सीमांकन किया गया था। इसके तहत ऐसे मकानों, दुकानों और अन्य ढांचों को चिह्नित किया गया, जिनके हिस्से प्रस्तावित सड़क की सीमा में आने का दावा किया गया था।हालांकि, सीमांकन प्रक्रिया को लेकर भी विवाद सामने आया। कुछ स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि अलग-अलग स्थानों पर निर्माणों को चिह्नित करने में एक समान मापदंड नहीं अपनाए गए। उनका कहना है कि सड़क के दोनों ओर स्थित निर्माणों की जांच पारदर्शी तरीके से की जानी चाहिए।इस विवाद में विवेक विहार और श्याम नगर मेट्रो स्टेशनों के आसपास के निर्माणों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। प्रभावित लोगों ने आरोप लगाया कि निजी संपत्तियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, जबकि अन्य ढांचों के मामले में अलग रवैया अपनाया गया है। ये स्थानीय निवासियों के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कारोबार पर पड़ रहा कार्रवाई का असर
सड़क चौड़ीकरण अभियान के चलते न्यू सांगानेर रोड पर व्यावसायिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। कार्रवाई की आशंका के बीच कुछ दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे, जबकि कई लोगों ने दुकानों से सामान हटाना शुरू कर दिया।व्यापारियों का कहना है कि दुकान का हिस्सा टूटने या पूरी दुकान प्रभावित होने की स्थिति में कारोबार दोबारा स्थापित करना बड़ी चुनौती बन सकता है। छोटे दुकानदारों के लिए यही व्यवसाय परिवार की आय का प्रमुख साधन है।वहीं, आवासीय भवनों के प्रभावित होने की आशंका से स्थानीय परिवार भी परेशान हैं। लोगों का कहना है कि किसी मकान का बड़ा हिस्सा हटाए जाने पर रहने की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
सड़क विकास के लिए प्रशासन की कार्रवाई
जयपुर विकास प्राधिकरण का उद्देश्य प्रस्तावित सड़क मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कर चौड़ीकरण का काम आगे बढ़ाना है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है।सड़क चौड़ीकरण परियोजना से जुड़े बिजली के तारों, ट्रांसफॉर्मरों और अन्य विद्युत ढांचों को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है। इसके लिए जेडीए ने अलग से निविदा जारी की है।प्रशासन के सामने सड़क विकास कार्य को आगे बढ़ाने के साथ स्थानीय नागरिकों की चिंताओं का समाधान करने की चुनौती भी बनी हुई है।
विरोध के बीच आगे की कार्रवाई पर नजर
न्यू सांगानेर रोड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अब प्रशासन और स्थानीय नागरिकों के बीच विवाद का प्रमुख मुद्दा बन गई है। एक ओर प्राधिकरण न्यायालय के आदेश का पालन करने की बात कह रहा है, तो दूसरी ओर निवासी और व्यापारी प्रभावित संपत्तियों, मुआवजे तथा पुनर्वास को लेकर स्पष्ट व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।गुरुवार को सामने आए विरोध के बाद सड़क चौड़ीकरण अभियान के अगले चरण पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है। जेडीए की ओर से कोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने और आगे की सुनवाई के दौरान कार्रवाई की प्रगति तथा बाकी समस्याओं पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।फिलहाल न्यू सांगानेर रोड पर सड़क चौड़ीकरण का मामला केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं रह गया है। स्थानीय लोगों के लिए यह उनके घरों, दुकानों और आजीविका से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है।
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