Madhopur: जिला कलेक्टर ने जलभराव के स्थाई समाधान के लिए ग्रामीणों से किया संवाद
Madhopur माधोपुर: जिले के अतिवृष्टि और जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में समस्या के स्थाई समाधान के लिए प्रशासन ने विशेष कवायद के तहत पीड़ित ग्रामीणों से संवाद शुरू किया है। इस क्रम में जिला कलक्टर काना राम ने मंगलवार को सूरवाल बांध के निचले इलाकों में बसे चकेरी सहित अन्य गांवों और इससे जुड़े जलभराव वाले क्षेत्रों का जायजा लिया। कलक्टर ने प्राकृतिक आपदा के दौरान मकान, जनधन, पशुओं की हानि, चारे सहित अन्य नुकसान का जमीनी स्तर पर जायजा लिया।
जिला कलक्टर ने चकेरी स्थित भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र में ग्रामीणों से जलभराव के कारणों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अतिवृष्टि से हुए नुकसान पर भी विस्तार से जानकारी ली और उसके स्थाई समाधान के बारे में विमर्श किया। ग्रामीणों से गांव में जलभराव की समस्या से निजात के लिए गंभीर नदी एवं लटिया नाले के पानी को डाईवर्ट करवाने की मांग की। उन्होंने चकेरी रेलवे स्टेशन के पास एवं और पढ़ाना मार्ग पर रपट बनवाने का सुझाव दिया।
मवेशियों के लिए चारे-पानी के समुचित प्रबंधन के निर्देश :- कलक्टर से चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने मवेशियों के लिए चारे-पानी की कमी की स्थिति के बारे में बताया. इस पर कलक्टर ने पशुपालन विभाग को स्थानीय लोगों की आवश्यकता के अनुसार पशु- चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कस्तूरबा आवासीय विद्यालय के जर्जर भवन के लिए समुचित वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए, ताकि बालिकाओं की शिक्षा व्यवस्था का सुरक्षित प्रबंधन हो सके।
जिले में खरीफ-2025 फसल की ऑनलाइन गिरदावरी जारी :- जिला कलक्टर काना राम ने मंगलवार को सवाई माधोपुर पंचायत समिति के ग्राम दोंदरी, धनौली, मैनपुरा, गोगोर, सेलू, जडावता, बाडोलास, चकेरी सहित विभिन्न गांवों का दौरा कर ऑनलाइन गिरदावरी के बारे में वस्तुस्थिति का मौके पर निरीक्षण किया। कलक्टर ने किसानों से आग्रह किया कि सभी किसान खरीफ-2025 की गिरदावरी में आगे बढ़कर भाग लें, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो और कृषि से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के उन्हें मिल सके।
गौरतलब है की खरीफ-2025 की फसल की ऑनलाइन गिरदावरी जिले में जारी है। किसानों को जागरूक करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला कलक्टर ने खेतों का दौरा किया और किसानों को ऑनलाइन गिरदावरी का अभ्यास कराया। उन्होंने तहसीलदार, हलका पटवारियों सहित अन्य अधिकारियों को शत-प्रतिशत गिरदावरी करने के निर्देश भी दिए।
‘किसान गिरदावरी’ मोबाइल एप :- जिला कलक्टर ने किसानों को बताया कि “किसान गिरदावरी” मोबाइल एप के माध्यम से वे स्वयं अपनी फसल का विवरण दर्ज कर सकते हैं। इससे फसल का सही रिकॉर्ड तैयार होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकार तथा बीमा कंपनियों को सटीक आंकड़े मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को फसल बीमा, मुआवजा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलेगा। किसान स्वावलंबी बनेंगे और उन्हें किसी मध्यस्थ पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
जिला कलक्टर ने किसानों से अपील की कि वे प्ले स्टोर से “किसान गिरदावरी” एप https://play.google.com/store/apps/details?id=com.risl.kisangirdawari डाउनलोड करें, जनआधार नंबर के जरिए ओटीपी प्राप्त कर लॉगिन करें। अपनी लोकेशन और खसरा चुनने के बाद फसल का नाम, क्षेत्रफल, सिंचाई साधन और फोटो अपलोड कर आवेदन सबमिट करें। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से विवाद कम होंगे और योजनाओं का लाभ समय पर मिलेगा।
कृषि पर्यवेक्षक को चार्जशीट देने के निर्देश :- जिला कलक्टर ने ग्राम दोंदरी में गिरदावरी की प्रगति कम होने और प्राइवेट खसरो की खराब रिपोर्ट पर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्थानीय कृषि पर्यवेक्षक को चार्जशीट देने के निर्देश दिए। साथ ही, सरपंच एवं ग्रामीणों से अपील की कि शिक्षित युवाओं की मदद से पूरे गांव की गिरदावरी कराई जाए। ग्राम सैलू में मौके पर ही अमरूद की फसल खराब होने की रिपोर्ट करवाई गई। इस दौरान एसडीएम दामोदर सिंह, विकास अधिकारी जगदीश प्रसाद मीणा, तहसीलदार नीरू सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।