Kotputli-Baharod: गिव-अप अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा से नाम हटवाने की अवधि 31 मार्च से 30 अप्रैल

Update: 2025-03-27 14:28 GMT
Kotputli-Baharod कोटपूतली–बहरोड़ । खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से खाद्य सुरक्षा योजना में सम्मिलित अपात्र श्रेणी के परिवारों को स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा से नाम हटवाने के लिए 30 अप्रैल 2025 तक गिव-अप अभियान संचालित किया जा रहा है, पहले यह अवधि 31 मार्च थी।
जिला रसद अधिकारी शशि शेखर शर्मा ने बताया की इस अभियान के तहत निष्कासित श्रेणी के परिवार जिला रसद अधिकारी कार्यालय/एस.डी.ओ. कार्यालय या उचित मूल्य दुकान से फॉर्म लेकर अपना नाम खाद्य सुरक्षा से हटवा सकते है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा ब्लॉक स्तर पर उचित मूल्य दुकानदारों की मीटिंग ली जाकर इस अभियान का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश प्रदान किये जा रहे है।
उन्होंने बताया की अब तक विराटनगर, पावटा, बानसूर, एवं नारायणपुर उपखण्ड में उचित मूल्य दुकानदारों की मीटिंग लेकर गिव अप अभियान में अपात्रों को जागरूक कर स्वेच्छा से राष्ट्रहित में अपना नाम एनएफएसए सूची से हटाने का आव्हान किया गया है। सभी डीलर्स को भी राज्य सरकार एवं जिला कलक्टर कोटपूतली-बहरोड के द्वारा गिव-अप अभियान का व्यापक प्रचार-प्रचार करने के निर्देश दिये गये है।
गिव-अप अभियान में निष्कासित श्रेणी के जिन परिवारों द्वारा खाद्य सुरक्षा से नाम नहीं हटाया जायेगा, उनसे 27 रूपये प्रति किग्रा गेंहू की दर से वसूली एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के प्रावधानों के अनुरूप विधिक कार्यवाही अमल में ली जाएगी।
यह है अपात्र
विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा से नाम हटवाने की गाइडलाईन जारी की गई है, जिसके अनुसार ऐसे परिवार जिसमें कोई आयकर दाता हो, एक लाख से अधिक वार्षिक पारिवारिक आय हो, परिवार में किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन हो (ट्रेक्टर आदि जीवीकोपार्जन में प्रयुक्त वाहन को छोडकर) और सरकारी/अर्द्ध सरकारी / स्वायत संस्थाओं में कार्यरत कार्मिक अपात्र है।
अब तक कुल 6 हजार 599 हुए स्वेच्छा से एनएफएसए सूची से बाहर
जिला रसद अधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 406 उचित मूल्य दुकानें हैं, जिनमें 58 शहरी क्षेत्र और 348 ग्रामीण क्षेत्र में स्थित हैं। अब तक जिले की 401 दुकानों पर "गिव अप अभियान" के बैनर लगाए जा चुके हैं और 406 दुकानों पर अभियान के तहत प्रार्थना पत्र रखवाए गए हैं। इसके अलावा, 3 दिसंबर 2024 से 27 मार्च 2025 तक, इस अभियान के तहत 1463 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए जिसके आधार पर 1463 राशन कार्ड धारक और 6 हजार 599 सदस्य स्वेच्छा से इस योजना से बाहर हुए है।
Tags:    

Similar News