Kota: जनसुनवाई में पहुंचे 138 परिवाद, समाधान प्रक्रिया में तेजी का निर्देश
Kota कोटा । मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत ने गुरुवार को विभिन्न जिलों में चल रही जिला स्तरीय जनसुनवाई एवं जन अभियोग सतर्कता समिति की बैठक में वीसी के माध्यम से जुड़कर निर्देश दिए कि परिवाद निस्तारण का समय कम करने की दिशा में सकारात्मक प्रयास किए जाएं। उन्होंने 6 माह से पुराने केस की पेंडेंसी शून्य करने तथा परिवादियों की संतुष्टि का प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश विभिन्न जिलों के कलक्टर्स को दिए।
मुख्य सचिव ने तीन माह से अधिक लंबित जनसुनवाई के प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने को कहा। उन्होंने जनसुनवाई के दौरान आने वाली सभी शिकायतों को संपर्क पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही, परिवादों के क्वालिटी डिस्पोजल पर भी जोर दिया। उन्होंने भारत सरकार से अग्रेषित होकर आने वाले सीपी ग्राम प्रकरणों की जिलों में पेंडेंसी कम करने के निर्देश दिए।
कोटा कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई एवं जन अभियोग सतर्कता समिति की बैठक में कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने 138 प्रकरणों की व्यक्तिगत रूप से सुनवाई की और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में आए प्रकरणों में अतिक्रमण, सीमाज्ञान, जल निकासी, खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जोड़ने जैसे मामले शामिल थे।
मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना में डेथ क्लेम रिजेक्ट होने से जुड़े एक प्रकरण में जिला कलक्टर ने प्रकरण को ऑनलाइन चेक करवाने के बाद लंबित अपील के निस्तारण के निर्देश दिए। शहरी क्षेत्रों से सफाई, अतिक्रमण से संबंधित प्रकरणों में जिला कलक्टर ने नगर निगम अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। बिजली-पानी की समस्याओं से जुड़े प्रकरणों पर कलक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए इन समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण करें।
संवेदनशीलता से हो समस्याओं का समाधान
कलक्टर ने अधिकारियों से कहा कि वे सभी शिकायतों पर संवेदनशीलता और पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य करें तथा यह सुनिश्चित करें कि आवेदक प्रशासनिक प्रक्रिया से संतुष्ट हों।
जनसुनवाई में संभागीय आयुक्त राजेंद्र सिंह शेखावत, प्रशिक्षु आईएएस आराधना चौहान, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन मुकेश चौधरी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।