जोधपुर: विज्ञान भारती राजस्थान के संरक्षक एवं भौतिक विज्ञान के प्रख्यात विद्वान प्रो. पुरुषोत्तम परांजपे के साथ विज्ञान भारती जोधपुर प्रान्त एवं महानगर के पदाधिकारियों की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन के विस्तार, गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने, विज्ञान को जनमानस तक पहुंचाने तथा भारतीय ज्ञान-विज्ञान की गौरवशाली परंपरा को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समाज के सामने रखने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

प्रो. परांजपे ने कहा कि विज्ञान भारती का उद्देश्य केवल वैज्ञानिक गतिविधियों तक सीमित न रहकर विज्ञान को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना और जनमानस में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना है। इसके लिए विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, तकनीकी एवं व्यावसायिक संस्थानों तथा आम समाज के बीच निरंतर संवाद और गतिविधियां आयोजित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की वैज्ञानिक विरासत पर उपलब्ध सामग्री, शोध एवं प्राचीन ग्रंथों को व्यवस्थित रूप से संकलित कर शोध-श्रृंखला, प्रकाशन एवं डिजिटल माध्यमों से समाज तक पहुंचाया जाना चाहिए। भारतीय वैज्ञानिकों एवं उनके योगदान को नई पीढ़ी के सामने लाने के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा के बीच संवाद स्थापित करना समय की आवश्यकता है।

बैठक में संगठन की संरचना को सुदृढ़ करने, विभिन्न दायित्वों की स्पष्टता, नियमित बैठकों एवं रिपोर्टिंग व्यवस्था तथा विषय-विशेषज्ञों को संगठन से जोडऩे पर भी चर्चा हुई। इंजीनियरिंग, पॉलीटेक्निक, कृषि तथा अन्य विषयों से जुड़े विशेषज्ञों और शिक्षाविदों को विज्ञान भारती की गतिविधियों से जोडक़र व्यापक स्तर पर कार्य करने का सुझाव दिया गया। बैठक में विज्ञान भारती जोधपुर प्रान्त के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र कुमार जैन, प्रो. अनिल गुप्ता, प्रो. अम्बेश दीक्षित, डॉ. महेश चंद्र शर्मा, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. भरत भट्ट, डॉ. शिवकुमार गोड़ एवं डॉ. विशु वैष्णव उपस्थित रहे।

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