Jalore जालोर  । राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम (अनुजा निगम) से विभिन्न राष्ट्रीय निगम योजनाओ में 31 मार्च 2024 तक ऋण प्राप्त कर चुके लाभार्थियों के लिए एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) 2025-2026 लागू की गई है।
अनुजा निगम के परियोजना प्रबंधक भगवानाराम चौधरी ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं अनुजा निगम मुख्यालय जयपुर के प्रशासक के निर्देशानुसार लागू की गई इस योजना में अनुजा निगम से ऋण प्राप्त कर चुके ऋणियों को एक मुश्त मूलधन जमा करवाने पर ऋण राशि के साधारण ब्याज तथा दण्डनीय ब्याज(शास्ति) में छूट प्रदान की जायेगी। योजना के अन्तर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम, राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम एवं राष्ट्रीय पिछडा वर्ग वित्त एवं विकास निगम की योजनाओं में ऋण प्राप्त कर चुके लाभार्थी शामिल होंगे।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
एक मुश्त समाधान योजना 31 दिसम्बर 2025 तक प्रभावी रहेगी। इस योजना के मुख्यतः दो चरण होंगे। प्रथम चरण 01 मई 2025 से 30 सितम्बर 2025 तक होगा, जिसमें लाभार्थी द्वारा अतिदेय मूलधन का भुगतान करने पर साधारण ब्याज एवं दण्डनीय ब्याज(शास्ति) माफ की जायेगी। वहीं दूसरा चरण 01 अक्टूबर 2025 से 31 दिसम्बर 2025 तक होगा, जिसमें अतिदेय मूलधन जमा करवाने पर केवल दण्डनीय ब्याज(शास्ति) माफ की जावेगी।
योजना में प्रावधान
इस योजना में केवल बकाया साधारण ब्याज एवं दण्डनीय ब्याज की छूट दी जावेगी। मूलधन राशि पर छूट का कोई प्रावधान नहीं होगा। अनुजा निगम/आरओबीसीएफडीसी द्वारा 31 मार्च 2024 तक अतिदेय मूलधन जमा कराने वाले लाभार्थी पर एकमुश्त समाधान योजना लागू होगी। इसलिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) 2025-26 में लाभ प्राप्त करने तथा योजना से सबंधित समस्त जानकारी प्राप्त करने के लिए लाभार्थी कार्यालय परियोजना प्रबन्धक अनुजा निगम, जिला परिषद, कलेक्ट्रेट परिसर जालोर में आकर सम्पर्क कर सकते हैं।
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