Jaipur: प्रदेश सरकार जलीय जंतुओं के समुचित संरक्षण एवं रखरखाव के लिए प्रतिबद्ध
Jaipur जयपुर । वन राज्यमंत्री(स्वतंत्रप्रभार) श्री संजय शर्मा नेमंगलवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश सरकार जलीय जंतुओं के समुचित संरक्षणएवं रखरखाव के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभयारण्य की सीमा में गिर रहे गन्दे नालों के पानी रोकने के लिए 28 मई 2024 को नगर निगम आयुक्त कोटा (दक्षिण) को को पत्र लिखा गया है। वन राज्यमंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि कोटा व केशवरायपाटन के गन्दे नालों के पानी को फिल्टर करने की योजना के सम्बन्ध में विभाग को प्रस्ताव यूजर एजेन्सी के माध्यम से परिवेश पोर्टल पर प्राप्त नहीं हुआ है। पोर्टल पर प्रस्ताव प्राप्त होने पर वन विभाग द्वारा अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
इससे पहले विधायक श्री संदीप शर्मा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में वन राज्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभ्यारण्य का क्षेत्र जवाहर सागर बांध से कोटा बैराज तक चम्बल नदी के किनारे से दोनों और एक किलोमीटर तक स्थित है। उन्होंने बताया कि चम्बल नदी में गन्दा पानी गिरने पर अभ्यारण्य में जलीय जन्तुओं पर पड़ने वाले प्रभाव के संबंध में भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून से परीक्षण करवाया जा रहा है। इस परीक्षण की अंतरिम रिपोर्ट में गन्देपानी से जलीय जन्तुओं पर प्रभाव के बारे में ‘रिलीजिंग पोल्यूटेड वाटर इंटू चंबल रिवर मे हैव सीरियस इंप्लीकेशंस फॉर द एक्वेटिक इकोलॉजी ऑफ द नेशनल चंबल सेंचुरी’ अंतिम रिपोर्ट प्राप्त होना अभी अपेक्षित है।