जयपुर: नवरात्रि के दौरान आमेर महल में पर्यटकों को हाथियों की सवारी का लुत्फ नहीं मिलेगा। राजस्थान सरकार ने 8 अप्रैल तक इस पर अस्थाई रोक लगा दी है। यह फैसला नवरात्रि के पर्व के दौरान धर्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
आमेर महल, जो जयपुर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, यहां हर दिन हजारों पर्यटक हाथी की सवारी करने आते हैं। लेकिन अब नवरात्रि के विशेष अवसर पर यह रोक लगाई गई है ताकि धार्मिक गतिविधियों और पूजा अर्चनाओं में कोई विघ्न न आये।
यह कदम महल के आस-पास के क्षेत्र में सांस्कृतिक और धार्मिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। इसके अलावा, हाथी की सवारी पर रोक से महल के आंतरिक क्षेत्र में भी सन्नाटा रहेगा, जिससे यहां की परंपराओं और रिवाजों की पूरी तरह से हिफाजत हो सके।
यह फैसला जयपुर प्रशासन ने लिया है और इसे लेकर पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि अस्थाई रोक के दौरान महल के अन्य हिस्सों में पर्यटकों के लिए सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी, लेकिन हाथी की सवारी पूरी तरह से निलंबित रहेगी।
हालांकि, यह भी कहा गया है कि जैसे ही नवरात्रि का समय समाप्त होगा, इसके बाद हाथियों की सवारी पुनः शुरू कर दी जाएगी। इस फैसले से जयपुर में धार्मिक उत्सवों के महत्व को और बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों को एक नई अनुभव की संभावना मिलेगी।