जयपुर: पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों के लिए केंद्र की निशुल्क कोचिंग योजना को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि संसदीय समिति की रिपोर्ट ने केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय के दावों की पोल खोल दी है।

गहलोत ने दावा किया कि योजना के तहत वर्ष 2023-24 में 3,500 छात्रों को कोचिंग देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन इसके मुकाबले केवल 223 छात्रों को ही कोचिंग मिल सकी। यह लक्ष्य का महज 6.4 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में भी स्थिति संतोषजनक नहीं रही और छात्रों को लाभ पहुंचाने का आंकड़ा 12.3 प्रतिशत तक ही रहा।

पूर्व मुख्यमंत्री ने योजना के बजट में कमी किए जाने को भी मुद्दा बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना का बजट 47 करोड़ रुपए से घटाकर 20 करोड़ रुपए कर दिया गया। गहलोत ने इसे महज प्रशासनिक लापरवाही मानने से इनकार करते हुए इसे सरकार की नीति पर सवाल खड़ा करने वाला विषय बताया।

गहलोत ने अपनी पोस्ट में कहा कि जो सरकार एससी ओबीसी वर्ग से समर्थन मांगती है, उसी वर्ग के बच्चों की शिक्षा से जुड़ी योजना का बजट कम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय समिति ने सरकार के जवाब को संतोषजनक नहीं माना है। गहलोत के मुताबिक, यह स्थिति केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करती है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान संचालित अनुप्रति कोचिंग योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से एससी, एसटी और ओबीसी सहित विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अवसर उपलब्ध कराया गया था। गहलोत ने भाजपा सरकार से दलित और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों की शिक्षा को प्राथमिकता देने की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा के अवसरों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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