Jaipur: विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास पर ध्यान केंद्रित करें- राज्यपाल
Jaipur जयपुर । राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि आज का समय विज्ञान एवं तकनीकी का युग है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रहते हुए अपने बौद्धिक विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी देश हित की भावना को आगे रखते हुए हमेशा नवाचार करें। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय शेखावाटी क्षेत्र की उस पावन धरा पर बना है जो सदैव त्याग,बलिदान और परोपकार की भावना से परिपूर्ण रही है। शेखावाटी ने भारतीय सेना को सर्वाधिक सैनिक दिए हैं तथा यहां पग-पग पर शहीदों की गाथाएं गूंजती हैं।
राज्यपाल श्री बागडे शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, शेखावाटी के दीक्षांत समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भामाशाहों की यह धरती जीवन के उदात मूल्यों से जुड़ी है। उन्होंने कहा की विद्यार्थी हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते रहें, बड़े सपने देखे, कड़ी मेहनत करें और कभी भी सीखना बंद ना करें।
दीक्षांत समारोह में 71 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से नवाजा गया साथ ही कला संकाय के 68571, विज्ञान संकाय के 31961, वाणिज्य संकाय के 8300, समाज विज्ञान संकाय के 27008, शिक्षा संकाय के 48241 एवं विधि संकाय के 174 स्नातक एवं स्नातकोत्तर दीक्षार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। इस दौरान राज्यपाल श्री बागडे द्वारा निरंजनी अखाड़ा हरिद्वार के महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज, जगदीश प्रसाद सिंघल एवं बजरंग लाल गुप्ता को मानद उपाधि प्रदान की गई।
राज्यपाल ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिंतक थे। वे ध्यान में मग्न रहते थे। उन्होंने कलकता के पुस्तकालय में जाकर अर्थशास्त्र का अध्ययन किया, उनके पास बौद्धिक क्षमता थी। पंडित दीनदयाल कहा करते थे कि दरिद्र को नारायण मानों। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे देश व समाज के विकास के लिए कार्य करें और समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करें।