BADMER बाड़मेर। गुड़ामालानी थाना पुलिस ने सोमवार को वाहन चोरी के फर्जी मुकदमों के जरिए बीमा कंपनियों से 20 करोड़ रुपये का क्लेम लेने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड सताराम पुत्र देरामाराम निवासी रावतसर, सदर, बाड़मेर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने अब तक तीन वाहन बरामद किए हैं और गिरोह के अन्य सदस्यों हनुवंत सिंह, जोगेंद्र चौधरी, मोहनराम, विश्नाराम, चिमन सिंह, मांगीलाल, देवाराम और शेराराम को नामजद किया है।

एसपी नरेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि गुड़ामालानी थाने में दर्ज एक वाहन चोरी केस की जांच के दौरान यह बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। थानाधिकारी देवीचंद ढाका और डिप्टी सुखाराम के नेतृत्व में बनी विशेष टीम ने खुलासा किया कि कई वाहन फर्जी दस्तावेजों पर अरुणाचल प्रदेश से पंजीकृत कराए गए थे। इन्हें राजस्थान में नया नंबर लगाकर बीमा करवाया जाता और फिर चोरी की एफआईआर दर्ज कर बीमा क्लेम लिया जाता। पिछले चार सालों में बाड़मेर, जोधपुर ग्रामीण और अजमेर संभाग के थानों में ऐसे 12 मामले दर्ज हुए, जिनसे करीब 20 करोड़ रुपये का क्लेम उठाया गया। ज्यादातर ट्रक और ट्रेलरों पर फर्जी क्लेम किए गए। जांच में सामने आया कि सताराम ने लग्जरी हिलक्स कार भी फाइनेंस पर खरीदी, उसे जलवाकर 45 लाख रुपये का क्लेम उठाया और बाद में गाड़ी डोडा तस्करों को बेच दी।

पुलिस ने बताया कि गिरोह ने कई गाड़ियों को जलाकर क्लेम उठाया, जबकि अन्य वाहनों का री-असाइनमेंट कर तेल कंपनियों में किराए पर चलवाया। इस पूरे खेल में परिवहन विभाग और बीमा कंपनियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस ने आयकर विभाग और ईडी को पत्र लिखकर सताराम की संपत्तियों की जांच की मांग की है। गिरफ्तारी से बचने के लिए सताराम विदेश भागने की तैयारी में था और वीजा बनवा रहा था। लेकिन गुड़ामालानी पुलिस ने जयपुर में उसे दबोच लिया।

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