गहलोत का BJP विधायक के आंगनवाड़ी भोजन बयान पर हमला

Update: 2026-05-06 11:29 GMT

Rajasthan राजस्थान: बुधवार को राजस्थान की राजनीति में आंगनवाड़ी केंद्रों में मिलने वाले भोजन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी सरकार और उसके विधायक प्रताप गमेती के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। गहलोत ने कहा कि यह बयान सरकार के दावों की सच्चाई को सामने लाता है और इससे साफ होता है कि आंगनवाड़ी व्यवस्था को लेकर जमीनी स्थिति क्या है।

यह पूरा मामला उस बयान से जुड़ा है जो कथित तौर पर मंगलवार को उदयपुर में हुई एक रिव्यू मीटिंग के दौरान दिया गया था। बैठक में भाजपा विधायक प्रताप गमेती ने कहा था कि राज्य के आंगनवाड़ी केंद्रों पर मिलने वाला खाना ऐसा है कि उसे जानवर भी नहीं खाएंगे। यह बयान उन्होंने डिप्टी चीफ मिनिस्टर दीया कुमारी की मौजूदगी में दिया था। इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई और विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया।

अशोक गहलोत ने बुधवार को इस बयान को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब सत्ताधारी दल का ही विधायक सार्वजनिक रूप से इस तरह की बात करता है, तो यह गंभीर विषय है और इससे सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े होते हैं। गहलोत ने यह भी कहा कि यह बयान केवल राजनीतिक टिप्पणी नहीं है, बल्कि यह आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति और वहां मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर सीधा सवाल उठाता है।

इस पूरे मामले ने राज्य में आंगनवाड़ी सेवाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष का कहना है कि अगर आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों और लाभार्थियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर इस तरह की बातें सामने आ रही हैं, तो सरकार को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। वहीं सत्ता पक्ष की ओर से अभी इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

उदयपुर में हुई इस बैठक के बाद से ही यह मुद्दा तेजी से राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है और आंगनवाड़ी व्यवस्था में सुधार की बात कर रहा है। वहीं इस बयान के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चा शुरू हो गई है कि आंगनवाड़ी केंद्रों में भोजन की गुणवत्ता और निगरानी को कैसे और मजबूत किया जाए।

यह मामला अब सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राज्य की सामाजिक कल्याण व्यवस्था और आंगनवाड़ी सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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