टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले में गैंगस्टर कनेक्शन पूछताछ में सामने आया बड़ा राज
कोटा। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी गोलीबारी की घटना में पुलिस जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। राजस्थान के कोटा की पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने सोमवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े गैंगस्टर अनिल पंडित का नाम सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, गोलीबारी की घटना में प्रमुख भूमिका निभाने वाला आरोपी रेहान लगातार अनिल पंडित के संपर्क में था। दोनों के बीच बातचीत के लिए मोबाइल आधारित मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और हमले की साजिश की जांच कर रही है।
कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़े गए तीन संदिग्ध
पुलिस के अनुसार, मुंबई में रविवार शाम हुई गोलीबारी की घटना के बाद आरोपी शहर छोड़कर फरार हो गए थे। मुंबई पुलिस से मिली सूचना के आधार पर राजस्थान पुलिस ने सोमवार सुबह कोटा रेलवे स्टेशन पर विशेष अभियान चलाया। इस दौरान पुणे-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रा कर रहे तीन संदिग्धों को पकड़ लिया गया।पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में हरियाणा के सोनीपत निवासी रेहान उर्फ सुक्का, बिहार के बेगूसराय निवासी ऋतिक कुमार उर्फ रोशन और एक नाबालिग शामिल हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी वारदात के बाद नेपाल भागने की योजना बना रहे थे।
महज 15 मिनट में पुलिस ने बिछाया जाल
एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि गोलीबारी में शामिल तीन प्रमुख संदिग्ध ट्रेन से कोटा पहुंचने वाले हैं। इसके बाद तत्काल पुलिस टीम को सक्रिय किया गया और रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी की गई।पुलिस ने करीब 15 मिनट के भीतर ट्रेन की तलाशी लेकर तीनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों की योजना पहले जयपुर, फिर दिल्ली और वहां से नेपाल जाने की थी। हालांकि, पुलिस की सतर्कता के कारण वे अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके।
अनिल पंडित के संपर्क में था रेहान
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि इस घटना की योजना बनाने में रेहान की प्रमुख भूमिका थी। एसपी गौतम के मुताबिक, रेहान लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित के संपर्क में था। दोनों के बीच बातचीत के लिए सिग्नल और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया था।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गोलीबारी की योजना कब और कहां बनाई गई थी। इसके अलावा आरोपियों को हथियार किसने उपलब्ध कराए और वारदात के पीछे वास्तविक मकसद क्या था, इसकी भी जांच की जा रही है।गैंगस्टर अनिल पंडित ने कथित तौर पर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। हालांकि, पुलिस की जांच में उसकी भूमिका और अन्य संभावित सहयोगियों की संलिप्तता की पुष्टि होना अभी बाकी है।
मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी गोलीबारी
जानकारी के मुताबिक, रविवार 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की गई थी। घटना में अभिनेता सुरक्षित बच गए, जबकि उनके चालक और एक राहगीर के घायल होने की जानकारी सामने आई है।घटना के बाद मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली गई। जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर संदिग्धों की लोकेशन का पता लगाया गया और राजस्थान पुलिस के सहयोग से उन्हें पकड़ा गया।
मुंबई पुलिस को सौंपे जाएंगे आरोपी
एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि गिरफ्तार संदिग्धों को आगे की जांच के लिए मुंबई पुलिस के हवाले किया जाएगा। फिलहाल आरोपियों के कब्जे से गोलीबारी में इस्तेमाल हथियार बरामद नहीं हुए हैं। पुलिस हथियारों के संबंध में भी पूछताछ करेगी।मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास, गैंगस्टर से संपर्क और घटना के पीछे संभावित आपराधिक नेटवर्क की जांच करेगी।इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि हमले की साजिश किसके निर्देश पर रची गई और आरोपियों को किस उद्देश्य से अभिनेता को निशाना बनाने के लिए भेजा गया था। पुलिस को उम्मीद है कि विस्तृत पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों की जांच से इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।