झुंझुनूं: हाल ही में यमुना के पानी को लेकर हुए समझौते को यमुना जल संघर्ष समिति ने चुनावी झांसा बताते हुए सोमवार से झुंझुनूं में पोल खोलो भंडाफोड़ नहर चेतना पदयात्रा शुरू की। पदयात्रा लोयल ग्राम (झुंझुनूं) में चल रहे धरना स्थल से शुरू हुई।

अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव रामचंद्र कुल्हरि ने बताया- 17 फरवरी को राजस्थान व हरियाणा के बीच केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के कार्यालय पर यमुना जल को लेकर समझौता हुआ था। इसके बाद हरियाणा विधानसभा में वहां के मुख्यमंत्री द्वारा बयान दिया गया कि बाढ़ की स्थिति में ही शेखावाटी को 15-20 दिन पानी दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ये शेखावाटी की जनता के साथ छल कपट है। चुनाव में झांसा दिया जा रहा है। इससे जनता में आक्रोश है। उसके खिलाफ पोल खोलो भंडाफोड़ नहर चेतना पदयात्रा की शुरुआत की गई। यात्रा के माध्यम से आमजन को जागरूक करेंगे।

पहले दिन नहर चेतना पदयात्रा लोयल से शुरू होकर चिड़ासन, मानोता जाटान, तिलोका की ढाणी से श्रीसरदारपुरा होते हुए वापस लोयल धरना स्थल पर पंहुची। पदयात्रा का जगह जगह जोरदार स्वागत किया। पदयात्रा में अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव कामरेड रामचंद्र कुलहरि, जिला उपाध्यक्ष कामरेड इंद्राज सिंह चारावास शामिल हुए।

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