भरतपुर: राजस्थान के भरतपुर जिले में बयाना विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और भाजपा नेता अतर सिंह भड़ाना की कथित तौर पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला किए जाने के बाद मौत हो गई। घटना रविवार, 11 अक्टूबर 2026 की शाम वैर थाना क्षेत्र के भौंड़ा गांव में स्थित क्रशर प्लांट के पास हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, क्रशर संचालन, खनन लीज और वहां तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। हमले में भड़ाना के सहयोगी गगन शर्मा भी गंभीर रूप से घायल हुए। अतर सिंह भड़ाना को उपचार के लिए जयपुर ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
क्रशर प्लांट पर पहुंचते ही हुआ विवाद
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अतर सिंह भड़ाना रविवार शाम अपने क्रशर प्लांट पर पहुंचे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जुट गए और दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। रिपोर्टों में हमलावरों की संख्या 70 से 80 तक बताई गई है। आरोप है कि भीड़ ने भड़ाना और उनके साथ मौजूद लोगों पर लाठी-डंडों तथा पत्थरों से हमला किया। इस संघर्ष में भड़ाना और उनके सहयोगी गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। भड़ाना की हालत गंभीर होने पर उन्हें जयपुर रेफर किया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की परिस्थितियों और हमले में शामिल लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी।
चार साल से चल रहा था क्रशर और खनन को लेकर विवाद
भौंड़ा गांव में क्रशर प्लांट और खनन लीज को लेकर स्थानीय ग्रामीणों तथा संचालक पक्ष के बीच लंबे समय से विवाद था। ग्रामीणों ने क्रशर के लिए चारागाह भूमि पर कथित अतिक्रमण और अवैध खनन के आरोप लगाए थे। खनन क्षेत्र तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर भी विरोध की बात सामने आई है।
बताया गया कि इस मुद्दे पर पिछले करीब दो वर्षों से ग्रामीण समय-समय पर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। क्रशर पिछले लगभग एक साल से बंद होने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। रविवार को प्लांट पर हुई घटना के दौरान पुराना विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। हालांकि, जमीन, लीज और खनन से जुड़े आरोपों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और जांच के आधार पर ही होगी।
ग्रामीणों और भड़ाना पक्ष के आरोप अलग-अलग
घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, वे मौके पर शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे और रविवार शाम भड़ाना पक्ष के लोग वहां पहुंचे। इसके बाद विवाद बढ़ा और दोनों ओर से मारपीट हुई। भड़ाना पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि बड़ी संख्या में लोगों ने उन पर हमला किया। उनकी पत्नी कमलेश ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने क्रशर की लीज से जुड़े बिजली कनेक्शन और वाटर पंप में परेशानी का आरोप लगाया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
गंभीर हालत में जयपुर ले जाया गया
हमले में गंभीर रूप से घायल अतर सिंह भड़ाना को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जयपुर रेफर किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके सहयोगी गगन शर्मा भी इस घटना में घायल हुए और उन्हें उपचार के लिए भरतपुर भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। हमले में शामिल लोगों की पहचान, घटना की पूरी परिस्थितियों और विवाद के कारणों का पता लगाना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण होगा।
2003 में बने थे बयाना के विधायक
अतर सिंह भड़ाना वर्ष 2003 में राजस्थान की बयाना विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। वह भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे और क्षेत्रीय राजनीति में उनकी पहचान थी। उनकी मौत की खबर के बाद यह मामला राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। फिलहाल इस घटना का केंद्र क्रशर संचालन और खनन लीज को लेकर चला आ रहा विवाद है। ग्रामीणों के आरोप, भड़ाना पक्ष के दावे और हमले की परिस्थितियां जांच के महत्वपूर्ण पहलू हैं। मामले में आगे की कार्रवाई और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
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