Alwar अलवर । जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला की अध्यक्षता में वित्तीय समावेशन के लाभ सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के संबंध में मिनी सचिवालय स्थित कलक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित हुई।
जिला कलक्टर ने कहा कि वर्तमान तकनीकी युग में प्रत्येक व्यक्ति को वित्तीय साक्षर करने के साथ साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने की महती आवश्यकता है। इसके लिए उन्होंने नाबार्ड के डीडीएम, राजीविका की डीपीएम एवं लीड बैंक अधिकारी को निर्देशित किया कि कार्य योजना बनाकर जिले में महिला स्वयं सहायता समूहों की कामकाजी महिलाओं को वित्तीय साक्षरता के प्रशिक्षण के साथ साइबर सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वर्तमान डिजिटल समय में वे अपने प्रोडेक्ट को प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ साइबर फ्रोड से सुरक्षित रहे तथा वित्तीय साक्षरता भी रहे। इसी प्रकार सरकारी स्कूलों की कक्षा 11वीं व 12वीं की किशोरी बालिकाओं को भी इसके लिए लक्षित समूह के रूप में लेकर इनका प्रशिक्षण कराया जावेगा। उन्होंने कहा कि जब किशोरी बालिकाएं तकनीकी रूप से वित्तीय साक्षर होंगी तो वह अपने परिवार की अन्य महिलाओं को भी इसके बारे में साक्षर करेंगी। इसके लिए उन्होंने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिये कि नो बैग डे के दिन उक्त अधिकारियों के सहयोग से वित्तीय साक्षरता व साइबर सुरक्षा के संबंध में जागरूकता सेशन व प्रशिक्षण दिए जाने की व्यवस्था करावे।
जिला कलक्टर ने नाबार्ड के डीडीएम, राजीविका की डीपीएम एवं लीड बैंक अधिकारी को निर्देशित किया कि वित्तीय साक्षरता व साइबर सुरक्षा दिए जाने के तीन पृथक-पृथक कोर्स तैयार करावे, जिसमें पहला कोर्स एसएचजी की ऐसी महिला जो तकनीकी रूप से जानकार हो व भली-भांति अपना कार्य कर रही हो, दूसरा कोर्स एसएचजी से जुडी ऐसी महिलाएं जिन्हें डिजिटल तकनीकी की जानकारी नहीं है तथा तीसरा कोर्स कक्षा 11वीं और 12वीं की किशोरी बालिकाओं को दृष्टिगत रखते हुए तैयार करावे।
उन्होंने राजीविका की डीपीएम को निर्देशित किया कि अलवर जिले में अच्छी गुणवत्ता के स्थानीय हस्त उत्पाद महिला समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे हैं। इस दिशा में काम कर रहे महिला समूहों के चिन्हित प्रोडेक्ट की गुणवत्ता में सुधार करने हेतु महिला समूहों को प्रशिक्षण देने के साथ सरकारी योजनाओं से ऋण दिलाने में सहयोग करावे तथा उनके प्रोडेक्ट की मार्केटिंग व पैकेजिंग में भी सहयोग करें। उन्होंने निर्देशित किया कि एक जिला एक उत्पाद तर्ज पर एक ब्लॉक एक उत्पाद पर कार्य करें। उन्होंने प्रारम्भिक तौर पर जिले में तीन प्रोडेक्ट जिसमें टेराकोटा, ब्लू पोटरी एवं आर्टिफिशियल ज्वैलरी पर कार्य करने के निर्देश दिये।
बैठक में नाबार्ड के डीडीएम श्री प्रदीप चौधरी, राजीविका की डीपीएम श्रीमती रेखारानी व्यास, लीड बैंक अधिकारी श्री बाबूलाल पालरिया, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक व एडीपीसी समसा श्री मनोज शर्मा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।