Ajmer: दरगाह प्रकरण में कोर्ट का फैसला 8 मई को संभव

"महादेव मंदिर दावे पर कानूनी प्रक्रिया तेज"

Update: 2026-05-07 05:30 GMT

अजमेर: अजमेर स्थित ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में संकट मोचन महादेव मंदिर होने के दावे वाली अपील के अजमेर सिविल अदालत में विचाराधीन बहुचर्चित प्रकरण में बुधवार को खादिम गुलाम दस्तगीर और ए इमरान ने पक्षकार बनने के लिए दिए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई बहस की गई। अदालत में राष्ट्रीय हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता के वकील विजय शर्मा द्वारा उनके पक्षकार बनने का खण्डन किया गया। न्यायालय ने मामले में सुनवाई के बाद फैसला आगामी 8 मई तक के लिए सुरक्षित रख लिया है। अब सभी 12 पक्षकारों का फैसला आएगा।

खादिमों के वकील प्रणव सक्सेना ने बताया कि खादिम दरगाह के सबसे करीबी और सबसे पुराने हैं, यदि खादिमों को नहीं सुना जाएगा तो दरगाह के हितों पर कुठाराघात होगा। लिहाजा जिन भी लोगों ने 1/10 के तहत पक्षकार बनने की अर्जी लगाई है उनसे पहले दरगाह के खादिमों को सुना जाना चाहिए। अदालत ने उन्हें सुना और फैसला 8 मई के लिए सुरक्षित रख लिया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस फोर्स अदालत में तैनात किया गया।

Tags:    

Similar News