मोस्ट वांटेड तस्कर कमल राणा समेत 5 बदमाश महाराष्ट्र के शिरडी से गिरफ्तार

Update: 2023-06-19 17:26 GMT

जयपुर। राजस्थान और मध्य प्रदेश के मोस्ट वांटेड तस्कर कमल राणा को राजस्थान सीआईडी क्राइम ब्रांच की टीम ने महाराष्ट्र के शिरड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। शिरडी के एक होटल से कमल राणा के साथ उसके 4 अन्य साथियों को भी गिरफ्तार किया गया है। कमल राणा पर हत्या, लूट, डकैती, हत्या का प्रयास व अवैध फायर आर्म्स के 40 प्रकरण दर्ज हैं।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस अपराध दिनेश एमएन ने बताया कि राजस्थान और मध्य प्रदेश में तस्करी व अन्य आपराधिक मामलों में फरार चल रहे मोस्ट वांटेड तस्कर राणा की लंबे समय से पुलिस को तलाश थी। इस पर राजस्थान पुलिस ने 50 हजार और एमपी पुलिस ने 20 हजार का इनाम घोषित कर रखा था।

एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि पुलिस मुख्यालय क्राइम ब्रांच की टीम काफी समय से कमल राणा के पीछे लगी थी। प्राप्त सूचना एवं तकनीकी सहायता से आरोपी के महाराष्ट्र के शिरडी क्षेत्र में छिपे होने की सूचना मिलने पर आईजी क्राइम प्रफुल्ल कुमार के सुपरविजन में विशेष टीम गठित की गई।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के नेतृत्व में गठित टीम में जिला चित्तौड़गढ़ से अटैच हैड कांस्टेबल महावीर सिंह कॉन्स्टेबल रमेश, भीलवाड़ा जिले से अटैच गोपाल लाल, विजय सिंह, क्राइम ब्रांच के हैड कांस्टेबल शंकर दयाल शर्मा, कॉन्स्टेबल मुकेश और आयुक्तालय जयपुर से हैड कांस्टेबल कमल शामिल थे।

एडीजी ने बताया कि स्थानीय सहयोग के लिए आईजी प्रफुल कुमार ने अहमद नगर एसपी राकेश ओला से समन्वय बनाया। शिरडी पहुंची क्राइम ब्रांच की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से करीब 400 होटलों की तलाशी लेकर वांटेड राणा को तलाश कर लिया। कमल सिंह राणा पुत्र डूंगरसिंह (26) निवासी बम्बोरी थाना रठाजना जिला प्रतापगढ़ को गिरफ्तार कर लिया।

दिनेश एमएन ने बताया कि वान्टेड तस्कर राणा के साथ टीम ने उसके 4 अन्य साथियों जितेन्द्र सिंह पुत्र भारत सिंह निवासी कोटडी ईस्तमुरार जीरन, ओमप्रकाश उर्फ गुड्डु रावत पुत्र कालु रावत निवासी गमेरपुरा, विरेन्द्र सिंह जाट पुत्र हरि सिंह (19) निवासी रायनखेडा और चन्दर सिंह पुत्र भँवर सिंह निवासी कोटडी इस्तमुरार हर्कियाखाल को भी गिरफ्तार किया।

यह चारों बदमाश भी कई आपराधिक प्रकरणों में वांछित चल रहे हैं। इस कार्रवाई में चित्तौड़गढ़ जिले से अटैच हेड कांस्टेबल महावीर सिंह और कॉन्स्टेबल रमेश की सूचना में विशेष भूमिका रही एवं हैड कांस्टेबल रामावतार ने इस ऑपरेशन में सराहनीय तकनीकी सहायता प्रदान की।

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