Punjab राज्य महिला आयोग ने पूर्व कैबिनेट मंत्री और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता सिकंदर सिंह मलुका द्वारा राज्य सरकार की 'मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना' पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का स्वतः संज्ञान (suo motu cognisance) लिया है। आयोग की अध्यक्ष राज लाली गिल ने सोशल मीडिया पर समन साझा करते हुए मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और मलुका को 23 अक्टूबर को सुबह 11 बजे आयोग के समक्ष पेश होने के लिए कहा है।
समन के अनुसार, आयोग को एक वीडियो मिला है जिसमें मलुका एक निजी समाचार चैनल के पत्रकार से बात करते हुए महिलाओं के प्रति कथित तौर पर आपत्तिजनक, अपमानजनक और अनुचित भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। आयोग ने माना है कि इस तरह की भाषा महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचा सकती है, अपमानजनक सोच को बढ़ावा दे सकती है और समाज में सम्मान तथा समानता के सिद्धांतों को कमजोर कर सकती है।
'पंजाब राज्य महिला आयोग अधिनियम, 2001' के तहत स्वतः संज्ञान लेते हुए, आयोग ने वीडियो को संबंधित अधिकारियों को भेज दिया है और पुलिस अधीक्षक (SP) रैंक के एक अधिकारी को मामले की जांच करने का निर्देश दिया है।
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