Ludhiana लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने हाई-प्रोफाइल NRI रूपिंदर कौर मर्डर केस की जांच में कथित लापरवाही और गलत व्यवहार के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए दो पुलिसकर्मियों को नौकरी से निकाल दिया है। इन अधिकारियों पर आरोप था कि उन्होंने किला रायपुर में अमेरिका में रहने वाली रूपिंदर कौर की हत्या की जांच के दौरान एक ऐसे व्यक्ति का बयान रिकॉर्ड किया और उस पर भरोसा किया, जिसकी मौत हो चुकी थी।
लुधियाना पुलिस ने मई में सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप में देहलों के पूर्व SHO सुखजिंदर सिंह और हेड कॉन्स्टेबल संजीव कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
एडिशनल DCP करणवीर सिंह ने बताया कि इन दोनों अधिकारियों ने कथित तौर पर झूठे सबूत गढ़े और बेईमानी से जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। यह कार्रवाई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच के बाद की गई, जिसने उस बयान की सच्चाई की जांच की थी। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, किला रायपुर के गुरप्रीत सिंह, जिनकी मौत 29 मई, 2025 को हो गई थी, का बयान उनकी मौत के कई महीने बाद 19 सितंबर को तत्कालीन SHO सुखजिंदर के सामने दर्ज दिखाया गया था।
यह मामला तब न्यायिक जांच के दायरे में भी आया जब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक आरोपी की याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस से इस बारे में सफाई मांगी। कोर्ट के पिछले आदेश के बाद SIT ने जांच की थी और कथित तौर पर तत्कालीन SHO को इन गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार ठहराया था।