Amritsar सांसी स्थित श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास संदिग्ध ड्रोन गतिविधि के कारण रनवे का कामकाज कुछ समय के लिए रोकना पड़ा, जिससे आने वाली दो उड़ानों का रास्ता बदलना पड़ा। दिल्ली से आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-855 को वापस उसकी शुरुआती जगह भेज दिया गया, जबकि मुंबई से आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-5028 को चंडीगढ़ डायवर्ट कर दिया गया। इस रुकावट से कई यात्रियों को परेशानी हुई; कुछ ने अचानक हुए बदलावों पर नाराज़गी जताई और आरोप लगाया कि उनकी शिकायतों को सुनने के लिए एयरपोर्ट का कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। एयरपोर्ट डायरेक्टर अनिरुद्ध कुमार शर्मा ने बताया कि रात 10.30 बजे के बाद स्थिति सामान्य हो गई।
जानकारी के मुताबिक, रविवार रात करीब 9.30 बजे एयरपोर्ट पर तैनात सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) के जवानों ने एयरपोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में दो-तीन ड्रोन मंडराते हुए देखे। उन्होंने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और एहतियात के तौर पर उड़ानों का संचालन रोक दिया गया। शर्मा ने बताया कि ड्रोन गतिविधि की सूचना मिलने के बाद उड़ानों का रास्ता बदलने का आदेश दिया गया था और रात 10.30 बजे के बाद स्थिति सामान्य हो गई। उन्होंने कहा कि अचानक हुई इस रुकावट के बाद यात्रियों की चिंताओं का समाधान किया गया। यह घटना एयरपोर्ट के पास संदिग्ध ड्रोन गतिविधि के कारण उड़ानों के संचालन में रुकावट आने के ठीक एक महीने बाद हुई है।
6 सितंबर को रात 9.40 बजे से 9.50 बजे के बीच रनवे और ऑपरेशनल एरिया के पास ड्रोन देखे गए थे, जिसके कारण एयरपोर्ट अधिकारियों को लगभग 90 मिनट तक कामकाज रोकना पड़ा था। मलेशिया एयरलाइंस, एयर इंडिया और इंडिगो की उड़ानों सहित आने वाली सात कमर्शियल उड़ानों को दिल्ली और चंडीगढ़ डायवर्ट किया गया था। गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने एविएशन सेफ्टी और सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए एयरपोर्ट के आसपास के ग्रामीण इलाकों में ड्रोन कैमरे उड़ाने पर पहले ही पूरी तरह रोक लगा दी है।
आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि एयरपोर्ट पर दिन-रात घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का आना-जाना लगा रहता है। आसपास के इलाकों में होटल और मैरिज पैलेस भी हैं, जहां अक्सर सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान एरियल फुटेज लेने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाता है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ऐसी गतिविधि का गलत इस्तेमाल असामाजिक तत्वों द्वारा किया जा सकता है और इससे एविएशन सेफ्टी को खतरा हो सकता है।