Punjab उम्मीदवारों की पहली सूची जल्दी जारी करने का फैसला लेने के कुछ दिनों बाद, कांग्रेस आलाकमान ने उम्मीदवारों के जीतने की संभावना (winnability) का आकलन करने के लिए एक नया सर्वे शुरू किया है। यह सर्वे खासकर उन विधानसभा क्षेत्रों के लिए है, जहां एक ही सीट के लिए कई दावेदार हैं।
यह सर्वे दो स्तरों पर किया जा रहा है: पहला, अपने राजनीतिक विरोधियों—AAP, SAD और BJP—के मुकाबले पार्टी की स्थिति क्या है; और दूसरा, टिकट की दौड़ में शामिल उम्मीदवारों की ताकत और उनके जीतने की कितनी संभावना है।
पंजाब मामलों के प्रभारी सचिन पायलट ने कई बार कहा है कि टिकट बांटने का एकमात्र आधार उम्मीदवार की ताकत और उसके जीतने की संभावना ही होगी।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि 1 नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई बैठक में शुरुआती चर्चा तो हुई, लेकिन किसी भी नाम को अंतिम रूप नहीं दिया गया।
उम्मीद है कि AICC आने वाले दिनों में 'स्क्रीनिंग कमेटी' और 'चुनाव समिति' (Election Committee) की घोषणा करेगी। दिल्ली की बैठक में वरिष्ठ नेताओं को सलाह दी गई कि वे किसी खास उम्मीदवार के लिए जोर न डालें, बल्कि संभावित उम्मीदवारों का विस्तृत सर्वे कराने का काम पार्टी आलाकमान पर छोड़ दें। देखा गया है कि कुछ वरिष्ठ नेता अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में अपनी पसंद के उम्मीदवारों को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
एक वरिष्ठ नेता ने बताया, "एक ही परिवार के दो सदस्यों को विधानसभा टिकट देने का एक अहम मुद्दा है। राणा गुरजीत सिंह, तृप्त राजिंदर बाजवा, सुखजिंदर रंधावा, चरणजीत सिंह चन्नी और मदन लाल जलालपुर समेत कई वरिष्ठ नेता अपने परिवार के सदस्यों को चुनाव मैदान में उतारना चाहते हैं। इन मुद्दों को सुलझाया जा रहा है।"
पार्टी के पास लगभग 60 सीटों के लिए मौजूदा विधायक, पूर्व विधायक और अन्य वरिष्ठ नेता दावेदार के रूप में मौजूद हैं। हालांकि, बाकी विधानसभा क्षेत्रों में कई ऐसे दावेदार हैं जो अलग-अलग नेताओं से जुड़े हुए हैं।
एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "ऐसी 30 से 40 सीटें हैं, जहां पार्टी को मजबूत उम्मीदवारों की पहचान करनी है। यह गुप्त सर्वे ऐसे उम्मीदवारों को खोजने में मदद करेगा।" जिन विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी मजबूत उम्मीदवारों की तलाश कर रही है उनमें जालंधर पश्चिम, छब्बेवाल, बरनाला, बटाला, मजीठा, अटारी, तरनतारन, होशियारपुर, बाघा पुराना, अबोहर, मनसा, दिरबा, भदौर, मेहल कलां, फिल्लौर, हरगोबिंदपुर और शुतराना शामिल हैं।
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