Punjab पंजाब। जिले के एक खेत में पराली जलाने (Stubble Burning) की घटना देखी गई। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी। इस दौरान धुएँ का गुबार आस-पास के इलाके में फैल गया, जिससे वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गईं।
कृषि विशेषज्ञों और प्रशासन ने किसानों से पराली जलाने के बजाय जैविक तरीके अपनाने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि पराली जलाना न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि कानून के तहत भी प्रतिबंधित है।
इस प्रकार की घटनाओं की निगरानी के लिए जिला प्रशासन ड्रोन और निगरानी टीमों की मदद से लगातार कार्रवाई कर रहा है। किसानों को जागरूक करने के लिए सतत कृषि और पराली प्रबंधन योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है।