नई दिल्ली, लोकसभा उप चुनाव में शिरोमणि अकाली दल के सिमरनजीत सिंह ने जीत दर्ज कर ली है। जीत के बाद शिअद प्रत्याशी ने कहा कि ये पार्टी के लिए एक बड़ी जीत है। ये सभी राष्ट्रीय दलों को हराकर प्राप्त की गई है।

सिद्धू मूसेवाला ने सिमरनजीत सिंह ने किया था समर्थन
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला ने भी सिमरनजीत सिंह मान का समर्थन किया था। वे मान के लिए प्रचार भी करने वाले थे। माना रहा है कि मूसेवााला की हत्या के बाद उनके प्रति सहानुभूति का भी सिंगरूर लोकसभा उपचुनाव पर असर दिखा। इस वजह से भी मतदाताओं ने उनके लिए जमकर वोट किया है।

देशद्रोह के भी झेल चुके हैं मुकदमें
शिअद के विजयी प्रत्याशी सिमरनजीत सिंह आईपीएस अधिकारी रहे हैं। उन्होंने 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के विरोध में नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। उन पर इंदिरा गांधी की हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में देशद्रोह तक के कई मुक़दमे चल चुके हैं। साल 1984 में उन्हें भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया गया था। वे पांच साल तक जेल में रहे। 1989 में वे पहली बार सांसद चुने गए। उनकी रिहाई के साथ ही तत्कालीन सरकार ने उन पर चल रहे तमाम मुकदमे भी वापस ले लिए।
खालिस्तान की मांग से भी पहचान
सिमरनजीत सिंह मान पृथक खालिस्तान की मांग के भी समर्थक रहे हैं। साल 2015 में बेअदबी की घटनाओं के बाद बुलाए गए 'सरबत खालसा' ने उन्हें एक बार फिर से चर्चा में ला दिया था।
मान का रिकॉर्ड बरकरार
9वीं लोकसभा के लिए 1989 में तरनतारन में हुए चुनाव में शिरोमणि अकाली दल ने पांच सीटें जीती थीं। इस चुनाव में उन्हें 561883 मत मिले थे। और उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस प्रत्याशी को 527707 रिकॉर्ड मतों से हराया था। पिछले तीस वर्षों में उनका यह रिकॉर्ड अब नहीं टूटा।


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