बच्चों को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित हुआ चावल से भरा ट्रक, सूए में गिरा
फतेहगढ़ साहिब। फतेहगढ़ साहिब जिले में सरहिंद-मोरिंडा मुख्य मार्ग पर रविवार को बड़ा हादसा होने से टल गया। बस्सी पठाना क्षेत्र के गांव आलमपुर के पास चावल की बोरियों से भरा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने सूए में जा गिरा। हादसे में ट्रक चालक कमलेश कुमार बाल-बाल बच गया, लेकिन ट्रक और उसमें लदी चावल की बड़ी संख्या में बोरियां पानी में गिरने से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि हादसा उस समय हुआ जब ट्रक चालक बस्सी पठाना से चावल की बोरियां लेकर श्री आनंदपुर साहिब की ओर जा रहा था। गांव आलमपुर के पास सूए के किनारे कुछ छोटे बच्चे नहा रहे थे। इसी दौरान सामने से तेज रफ्तार वाहन आ गया। चालक के मुताबिक, बच्चों और सामने से आ रहे वाहन को बचाने के प्रयास में ट्रक का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे स्थित सूए की सुरक्षा दीवार से जा टकराया।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि सूए की सुरक्षा दीवार टूट गई और भारी-भरकम ट्रक सीधे पानी में जा गिरा। ट्रक के सूए में गिरते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में चालक किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहा।
बच्चों को बचाने के दौरान बिगड़ा संतुलन
ट्रक चालक कमलेश कुमार ने बताया कि वह चावल की बोरियां लेकर श्री आनंदपुर साहिब जा रहा था। आलमपुर के पास सड़क किनारे सूए में कुछ छोटे बच्चे नहा रहे थे। उसी समय सामने से तेज गति से एक वाहन आया। सड़क पर बच्चों की मौजूदगी और सामने से आ रहे वाहन को देखते हुए उसने ट्रक को बचाने की कोशिश की।
इसी दौरान ट्रक का संतुलन बिगड़ गया। ट्रक सड़क किनारे बने सूए की सुरक्षा दीवार से टकराया। दीवार टूटने के बाद ट्रक पानी में जा गिरा। चालक ने बताया कि अचानक हुई इस घटना के कारण उसे संभलने का मौका नहीं मिला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने चालक को सुरक्षित बाहर निकलने में मदद की। गनीमत रही कि हादसे के दौरान कोई बच्चा ट्रक की चपेट में नहीं आया और चालक की जान भी बच गई।
ट्रक के साथ पानी में समा गया चावल
हादसे में ट्रक के सूए में गिरने के कारण उसमें लदी चावल की बोरियां भी पानी में गिर गईं। पानी में जाने से बड़ी मात्रा में चावल खराब होने की आशंका है। इसके अलावा ट्रक को भी काफी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ट्रक और चावल की बोरियों को हुए नुकसान की कीमत लाखों रुपये में हो सकती है।
हादसे के बाद ट्रक को पानी से बाहर निकालने की कवायद शुरू की गई। इसके लिए भारी मशीनरी की मदद ली गई। ट्रक को बाहर निकालने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वाहन को कितना नुकसान हुआ है और कितनी चावल की बोरियां सुरक्षित बची हैं।
सुरक्षा दीवार टूटने से बढ़ी चिंता
हादसे में सूए की सुरक्षा दीवार भी टूट गई। सड़क के किनारे बने सूए और उसकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है, जबकि आसपास बच्चों और ग्रामीणों की भी आवाजाही बनी रहती है।
ऐसे में सड़क किनारे पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होना जरूरी है। ट्रक के टकराने से दीवार टूट जाने के बाद सूए का हिस्सा और अधिक खुला हो गया है, जिससे भविष्य में दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार को जल्द ठीक कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क किनारे स्थित जल निकासी नहर या सूए के पास मजबूत सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि वाहन अनियंत्रित होने की स्थिति में सीधे पानी में न गिरें।
तेज रफ्तार वाहन पर भी उठे सवाल
ट्रक चालक के बयान के मुताबिक, सामने से तेज रफ्तार वाहन आने के कारण उसे अचानक ट्रक को संभालना पड़ा। इसी वजह से हादसा हुआ। ऐसे में सड़क पर तेज गति से वाहन चलाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों के साथ बड़ी संख्या में अन्य वाहन भी चलते हैं। कई बार तेज गति के कारण दुर्घटना की स्थिति बन जाती है। सड़क किनारे बच्चों और स्थानीय लोगों की आवाजाही को देखते हुए वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बड़ा हादसा टला
इस घटना में सबसे राहत की बात यह रही कि चालक की जान बच गई और सड़क किनारे नहा रहे बच्चों को भी कोई नुकसान नहीं हुआ। यदि ट्रक बच्चों की तरफ चला जाता तो हादसा और गंभीर हो सकता था।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर चालक की मदद की और स्थिति को संभाला। ट्रक और चावल को बाहर निकालने के लिए प्रयास किए गए। दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए आसपास लोगों की भीड़ भी जमा रही।
गांव आलमपुर के पास हुए इस हादसे ने एक बार फिर मुख्य सड़कों के किनारे सुरक्षा इंतजामों और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की जरूरत को सामने ला दिया है। फिलहाल ट्रक को पानी से निकालने और क्षतिग्रस्त चावल की बोरियों को हटाने की प्रक्रिया के बाद नुकसान का वास्तविक आकलन किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए सूए की टूटी सुरक्षा दीवार की मरम्मत के साथ-साथ सड़क किनारे पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए। वहीं वाहन चालकों को भी रफ्तार पर नियंत्रण रखने और सड़क किनारे मौजूद लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखने की जरूरत है।