चावल के कंटेनर रास्ते में फंसे, करोड़ों के नुकसान का अंदेशा
पंजाब में यूक्रेन संकट का व्यापार और आवश्यक वस्तुओं के दामों का असर अभी से ही दिखने लगा है
पंजाब में यूक्रेन संकट का व्यापार और आवश्यक वस्तुओं के दामों का असर अभी से ही दिखने लगा है. यूक्रेन पर रूस (Russia invasion on Ukraine) के आक्रमण के बाद निर्यातकों (exporters) के चावल के स्टॉक (rice stocks) के दो दर्जन से अधिक कंटेनर बीच में ही फंस गए हैं. जिसके चलते उन्हें करोड़ों रुपये के नुकसान का अंदेशा है. अगर महंगाई की बात की जाए तो सब्जी और रिफाइंड तेल, चावल, गेहूं का आटा और अन्य आवश्यक वस्तुओं सहित प्रमुख किराना उत्पादों (grocery products) की कीमतों में भी अब वृद्धि दर्ज की जाने लगी है. पिछले चार से पांच दिनों के दौरान इन आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में कम से कम 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, और यूक्रेन संकट ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है.
हाल ही में एक पंजाब के प्रमुख बासमती चावल निर्यातक अरविंदरपाल सिंह ने हाल ही में बासमती चावल के कंटेनर यूक्रेन भेजे थे. अरविंदरपाल ने कहा कि जिस दिन युद्ध छिड़ा उस दिन यूक्रेन के एक बंदरगाह पर छह कंटेनर उतरे थे. मौजूदा स्थिति के कारण लगभग आधा दर्जन कंटेनरों को दूसरे रास्ते से अब दूसरे देशों में भेज दिया गया है. उन्हें करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका है. इस बीच, पंजाब राइस मिलर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने अपने हितों की रक्षा के लिए इस मामले में केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है.
बढ़ने लगे आवश्यक वस्तुओं के दाम
ऑल इंडिया रिटेलर्स फेडरेशन के अध्यक्ष ओंकार गोयल ने कहा कि मलेशिया और अन्य देशों से पाम तेल की कम आपूर्ति के कारण रिफाइंड तेलों की विभिन्न किस्मों की कीमतों में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इसी तरह, डिटर्जेंट, धुलाई और नहाने के साबुन की दरों में 20 फीसदी या उससे अधिक की वृद्धि हुई. इसी तरह चीनी और गेहूं के आटे की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम लोगों का बजट बढ़ गया है.
खुदरा किराना स्टोर संचालक कॉमरेड बूटा राम और संदीप गुप्ता का कहना है कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में तेजी से आम लोगों की मासिक राशन-खरीद क्षमता पर व्यापक प्रभाव पड़ा है, जो अपने मासिक बजट को बनाए रखने के लिए कुछ खाद्य पदार्थों पर खर्च में कटौती कर रहे थे.