चंडीगढ़। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर पंजाब के विभिन्न सरकारी नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में भावनात्मक माहौल देखने को मिला। यहां उपचार और नशामुक्ति की प्रक्रिया से गुजर रहे लोगों ने अपने परिवारों के साथ समय बिताया और रिश्तों की मजबूती का संदेश दिया।

पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को भावनात्मक समर्थन देना और उन्हें नशामुक्त जीवन की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था।

परिवारों ने बढ़ाया हौसला

रक्षाबंधन के मौके पर कई नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में मरीजों के परिवार पहुंचे।

भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के प्रतीक इस त्योहार पर परिवारों ने उपचार ले रहे अपने प्रियजनों के साथ समय बिताया और उन्हें जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रमों के दौरान परिवारों ने मरीजों को भरोसा दिलाया कि वे इस कठिन दौर में उनके साथ खड़े हैं।

नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरणा

इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य केवल त्योहार मनाना नहीं था, बल्कि नशे की समस्या से बाहर निकलने वाले लोगों को मानसिक और भावनात्मक मजबूती देना भी था।

अधिकारियों ने कहा कि परिवार का सहयोग नशामुक्ति की प्रक्रिया में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने मरीजों को उपचार पूरा करने, आत्मविश्वास बनाए रखने और स्वस्थ जीवन की ओर लौटने के लिए प्रेरित किया।

‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत आयोजन

भगवंत मान सरकार की ओर से चलाए जा रहे ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए।

सरकार का उद्देश्य नशे के खिलाफ सामाजिक जागरूकता बढ़ाना और प्रभावित लोगों को मुख्यधारा में वापस लाना है।

अभियान के तहत नशामुक्ति केंद्रों में इलाज, परामर्श और पुनर्वास की सुविधाओं पर जोर दिया जा रहा है।

एनजीओ और पीयर एंबेसेडरों ने लिया हिस्सा

इन कार्यक्रमों में परिवारों के अलावा कई गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

इसके साथ ही पंजाब के सूरमा यानी पीयर एंबेसेडर भी शामिल हुए।

ये वे लोग हैं, जिन्होंने खुद नशे की लत को छोड़कर नशामुक्त जीवन अपनाया है और अब दूसरे लोगों को भी इस रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

गुरदासपुर केंद्र में साझा की प्रेरणादायक कहानी

गुरदासपुर स्थित जिला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में सूरमा पंकज महाजन ने मरीजों और उनके परिवारों से मुलाकात की।

उन्होंने अपनी व्यक्तिगत यात्रा साझा करते हुए उपचार ले रहे लोगों का हौसला बढ़ाया।

पंकज महाजन ने कहा कि सरकार ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत लोगों की मदद के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने मरीजों से कहा कि वे हिम्मत बनाए रखें और नशामुक्त जीवन की दिशा में लगातार आगे बढ़ते रहें।

मरीजों को मिला भावनात्मक सहारा

नशामुक्ति केंद्रों में उपचार ले रहे कई लोगों के लिए यह कार्यक्रम भावुक करने वाला रहा।

परिवारों की मौजूदगी और उनका समर्थन मरीजों के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला साबित हुआ।

विशेषज्ञों का मानना है कि नशे की समस्या से बाहर निकलने में चिकित्सा उपचार के साथ-साथ परिवार और समाज का सहयोग भी जरूरी होता है।

पुनर्वास पर सरकार का जोर

पंजाब सरकार का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावित लोगों का पुनर्वास और उन्हें बेहतर भविष्य देना भी जरूरी है।

इसी सोच के तहत नशामुक्ति केंद्रों में उपचार के साथ-साथ मानसिक सहयोग और सामाजिक पुनर्वास पर ध्यान दिया जा रहा है।

स्वस्थ समाज बनाने की पहल

रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि नशे से जूझ रहे लोगों को समाज से अलग नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उन्हें समर्थन देकर सामान्य जीवन में वापस लाने का प्रयास करना चाहिए।

परिवार, सरकार, सामाजिक संगठनों और पीयर एंबेसेडरों के संयुक्त प्रयास से नशामुक्त पंजाब के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

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