Chandigarh चंडीगढ़ सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का एक कथित पत्र वायरल हो रहा है, जो 2025 में कनाडा के एबॉट्सफ़ोर्ड पुलिस डिपार्टमेंट को भेजा गया था। खबरों के मुताबिक, इस पत्र में चेतावनी दी गई है कि गैंग कनाडा पर "राज" करेगा। इसमें दावा किया गया है कि देश में उनके 5,000 सदस्य हैं और उनके पास पुलिस से भी "ज़्यादा बंदूकें" हैं। वर्तनी (spelling) की गलतियों और बिना विराम चिह्नों (punctuation) के साथ लिखे इस पत्र में कहा गया है: "हम आपको लिखित चेतावनी और चुनौती दे रहे हैं... अब हम कनाडा पर राज करेंगे, हमें कोई नहीं रोक सकता, हम बहुत ताकतवर हैं।"
एक स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह पत्र कनाडा के रक्षा मंत्री, सेना और पुलिस को संबोधित था। यह घटनाक्रम कनाडा बॉर्डर सर्विसेज़ एजेंसी (CBSA) द्वारा पलविंदर सिंह, जसमेर सिंह, अमितोज़ बाजवा और साहिबजोत सिंह को 'इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी प्रोटेक्शन एक्ट' के तहत डिपोर्ट (देश से बाहर भेजने) करने के दो दिन बाद हुआ है। इन लोगों पर संगठित अपराध और जबरन वसूली से जुड़ी हिंसा में शामिल होने का आरोप था।
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी करमवीर सिंह को भी एक "बहुत सावधानी से योजनाबद्ध ऑपरेशन" के बाद कनाडा से डिपोर्ट किया गया था। इन सभी मामलों का संबंध बिश्नोई नेटवर्क से जुड़े अपराधों से था। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह पत्र इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड की सुनवाई के दौरान पेश किए गए सबूतों में शामिल था। यह सुनवाई बिश्नोई के एक सहयोगी से जुड़ी थी, जिसे जुलाई में डिपोर्ट करने का आदेश दिया गया था।
रिपोर्ट का दावा: गैंग ने स्टूडेंट वीज़ा सिस्टम का गलत फायदा उठाया खबरों के मुताबिक, CBSA की एक गोपनीय इंटेलिजेंस रिपोर्ट से पता चला है कि गैंग ने कनाडा के इंटरनेशनल स्टूडेंट वीज़ा और वर्क परमिट प्रोग्राम का व्यवस्थित रूप से गलत फायदा उठाया। उन्होंने कमज़ोर युवाओं को जबरन वसूली और हिंसक अपराधों जैसे अंतरराष्ट्रीय अपराधों में शामिल करने के लिए ऐसा किया। दिसंबर 2025 में इमिग्रेशन अधिकारियों के बीच 'द बिश्नोई गैंग: कनाडा में उभरता खतरा' (The Bishnoi Gang: An Emerging Threat in Canada) नाम से एक टैक्टिकल गाइड बांटी गई थी। इसमें दक्षिण एशियाई समुदायों को निशाना बनाने वाली इस ग्रुप की बढ़ती गतिविधियों के बारे में चेतावनी दी गई थी।
इंटेलिजेंस आकलन में कथित तौर पर 2016 और 2024 के बीच भारतीय स्टूडेंट परमिट धारकों से जुड़े अपराधों में तेज़ी से बढ़ोतरी देखी गई। रिपोर्ट किए गए आकलन के अनुसार, 2019 और 2023 के बीच, स्टडी परमिट पर कनाडा में रहने वाले लगभग 4,000 भारतीय नागरिकों पर 17,929 अपराधों के आरोप लगाए गए। इनमें से 4,920 अपराधों को गंभीर या संगठित अपराध से जुड़ा माना गया। सिर्फ़ 2024 में, कनाडा में स्टडी वीज़ा पर रह रहे भारतीय नागरिकों पर 13,040 से ज़्यादा आरोप लगाए गए।
कनाडा के 'फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन्स एंड रिपोर्ट्स एनालिसिस सेंटर' ने एक खास बुलेटिन भी जारी किया है, जिसमें ज़बरदस्ती और दबाव बनाने के लगातार चल रहे अभियान के बारे में बताया गया है। बुलेटिन में कहा गया है कि गैंग अक्सर दक्षिण एशियाई मूल के समुदायों के ख़िलाफ़ टारगेटेड हिंसा करने के लिए "कनाडा में स्टडी परमिट पर रह रहे आर्थिक रूप से कमज़ोर, युवा भारतीय पुरुषों" का इस्तेमाल प्यादों की तरह करते हैं। इसमें यह भी चेतावनी दी गई है कि छोटे ग्रुप और उनकी नकल करने वाले लोग बड़े गैंग की साख का फ़ायदा उठाकर अपनी रंगदारी की मांगों को और बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं।
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