Chandigarh चंडीगढ़: पंजाब पुलिस ने डेरा बस्सी से दो व्यक्तियों को गिरफ्तार करके एक अंतरराज्यीय नकली मुद्रा मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है और उनके कब्जे से 9.99 करोड़ रुपये के नकली और बंद हो चुके नोट जब्त किए हैं। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान हरियाणा के कुरुक्षेत्र निवासी सचिन और गुरदीप के रूप में हुई है। इस बरामदगी में 11,05,000 रुपये के असली पुराने नोट और 9.88 करोड़ रुपये के नकली नोट शामिल हैं। नोट बरामद करने के अलावा, पुलिस टीमों ने उनकी सफेद स्कॉर्पियो-एन भी जब्त कर ली है, जिसमें वे यात्रा कर रहे थे। डीजीपी यादव ने कहा कि प्रारंभिक जाँच से पता चला है कि आरोपी नकली नोटों को बंडलों के ऊपर रखकर और अंदर छिपाकर लोगों को ठगने का तरीका अपना रहे थे। वे पंजाब, हरियाणा और राजस्थान राज्यों में कई धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों से जुड़े हैं। डीजीपी ने कहा कि इस मॉड्यूल में शामिल पूरे नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की पहचान के लिए तकनीकी विश्लेषण और आगे की पूछताछ जारी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएएस नगर) हरमनदीप ने ऑपरेशनल विवरण साझा करते हुए बताया कि एक अंतरराज्यीय नकली मुद्रा मॉड्यूल से जुड़े दो व्यक्तियों की गतिविधि के बारे में एक गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मनप्रीत सिंह और डीएसपी (डेरा बस्सी) बिक्रमजीत सिंह बराड़ की देखरेख में विशेष टीमें गठित की गईं। एसएचओ (डेरा बस्सी) सुमित मोर और एंटी-नारकोटिक्स सेल प्रभारी मलकीत सिंह के नेतृत्व में टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुराने अंबाला-कालका राजमार्ग पर घग्गर पुल पर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के पास एक विशेष नाका लगाया और दोनों को रोककर उनके कब्जे से नकली और बंद हो चुके नोट बरामद किए। एसएसपी ने आगे बताया कि जाँच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों ने पंजाब और पड़ोसी राज्यों में कई लोगों को ठगा है और धोखाधड़ी और नकली मुद्रा के पूर्व मामलों में संलिप्तता के साथ उनका आपराधिक इतिहास रहा है। उन्होंने आगे कहा कि जाँच जारी रहने के कारण आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ और बरामदगी होने की संभावना है।
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