Punjab पंजाब : बच्चे के पैदा होते ही उसके पिता ने नवजात का सौदा कर दिया। पिता ने बच्चे को चार लाख रुपये में बेच दिया। लेकिन उसे जो रुपये मिले वो नकली थे। आरोपी पिता को दिए गए नोट नकली होने के बाद मानव तस्करी के इस गोरखधंधे का खुलासा हुआ।
घटना पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ के निजी अस्पताल की है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए चार महिलाओं समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। राहत की बात यह है कि पुलिस ने नवजात को भी बरामद कर लिया है। नवजात को कोलकाता से बरामद कर आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। हैरानी की बात यह है कि इस मानव तस्करी में शामिल एक आशा वर्कर भी है।
मंडी गोबिंदगढ़ के एक निजी अस्पताल में 23 जून को एक पिता ने अपने नवजात बच्चे (लड़के) को चार लाख रुपये में बेच दिया था। बच्चे को बेचने के बाद जो रकम उसे मिली उसमें सभी नोट नकली थे। नकली नोट मिलने के बाद इस गोरखधंधे का पर्दाफाश हुआ। मामला पुलिस तक पहुंचा और पुलिस की गहन जांच के बाद बच्चे को कोलकाता से बरामद किया गया। फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने मानव तस्करी धंधे की इस खरीद-फरोख्त के काले कारोबार में शामिल आठ कथित आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एसएसपी शुभम अग्रवाल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में एक आशा वर्कर और 4 महिलाएं शामिल हैं। 27 जून को पुलिस को सूचना मिली थी कि मंडी गोबिंदगढ़ के दीप अस्पताल में एक महिला ने बच्चे (लड़के) को जन्म दिया है। नवजात के पिता ने आशा वर्कर कमलेश कौर, उसके पति भीम सिंह, दाई चरण कौर और जालंधर निवासी अमनदीप कौर उर्फ अमृता के साथ मिलकर बच्चे को चार लाख रुपये में बेच दिया।