Punjab: प्रैक्टिकल शिक्षा को बढ़ावा, सरकारी स्कूलों में नई पहल

Update: 2026-05-05 08:22 GMT
Punjab.पंजाब: सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को और रोचक और प्रैक्टिकल बनाने के उद्देश्य से नई पहल शुरू की जा रही है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि अब छात्रों को सिर्फ किताबों और बैग्स के बोझ के बीच पढ़ाई नहीं करनी होगी। इसके बजाय, प्रैक्टिकल और अनुभव आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में ‘सब्जेक्ट सर्कल’ शुरू किया जाएगा। इस योजना के तहत छात्रों को विषयवार समूहों में बांटा जाएगा, जिसे ‘सब्जेक्ट सर्कल’ कहा जाएगा। प्रत्येक सर्कल में छात्रों को विषयों की गहराई में जाकर सीखने और प्रयोग करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल छात्रों का ज्ञान बढ़ेगा बल्कि उनकी सोचने, समझने और समस्या सुलझाने की क्षमता भी विकसित होगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों में क्रिएटिविटी, लॉजिकल थिंकिंग और टीम वर्क को बढ़ावा देना है। इसके तहत छात्रों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि प्रयोगशालाओं, मॉडल प्रोजेक्ट्स और समूह गतिविधियों के माध्यम से विषयों को समझने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कहा, “हम चाहते हैं कि सरकारी स्कूल में पढ़ाई केवल रटंत ज्ञान तक सीमित न रहे। ‘सब्जेक्ट सर्कल’ के माध्यम से छात्रों को अपने विषय के प्रति लगाव और समझ बढ़ाने का मौका मिलेगा। यह योजना शिक्षा को मजेदार और अनुभवात्मक बनाएगी।”
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की पहल सरकारी स्कूलों में छात्रों की रुचि और सीखने की गुणवत्ता को बढ़ा सकती है। छात्रों में आत्मविश्वास और सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य—ज्ञान और समझ—भी साकार होगा। स्कूलों में इस पहल के तहत छात्र विषयों को अलग-अलग गतिविधियों के जरिए सीखेंगे। जैसे विज्ञान सर्कल में प्रयोगशाला में प्रयोग, गणित सर्कल में प्रोजेक्ट्स और समस्या समाधान, और भाषा सर्कल में संवाद और कहानी लेखन। इससे छात्रों का विषयों के प्रति लगाव बढ़ेगा और उनकी सीखने की प्रक्रिया रोचक होगी।
अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में राज्य के चुनिंदा सरकारी स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ‘सब्जेक्ट सर्कल’ शुरू किया जाएगा। इसके सफल होने के बाद इसे पूरे राज्य के स्कूलों में लागू किया जाएगा। एक वरिष्ठ शिक्षक ने कहा, “यह पहल छात्रों के लिए बहुत मददगार साबित होगी। इससे उन्हें किताबों के ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक जीवन की समस्याओं और प्रयोगों से सीखने का मौका मिलेगा। छात्रों का आत्मविश्वास और सोचने की क्षमता भी बढ़ेगी।” सरकार का यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में एक नया आयाम जोड़ने वाला है। ‘नो बैग्स, ओनली लर्निंग’ का उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान और अनुभव के माध्यम से सक्षम बनाना है। इस पहल से सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर और छात्रों की भागीदारी दोनों बढ़ने की उम्मीद है।
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