पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने डेरा ब्यास प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों से की मुलाकात
अमृतसर। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अध्यक्ष एवं विधायक परगट सिंह ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बाबा जी से शिष्टाचार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुलाकात के बाद परगट सिंह ने पंजाब की एकता, अमन-शांति, आपसी भाईचारे और खुशहाली पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती हमेशा से देश को प्रेम, सांप्रदायिक सद्भाव और मानवता की सेवा का संदेश देती रही है। इस गौरवशाली विरासत को बनाए रखना प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
परगट सिंह ने मुलाकात के दौरान पंजाब के सामाजिक और मौजूदा राजनीतिक माहौल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति, सामाजिक सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है। पंजाब की प्रगति केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।
पंजाब की एकता और भाईचारा बनाए रखना जरूरी
परगट सिंह ने कहा कि पंजाब का इतिहास आपसी प्रेम, सद्भाव और मानवता की सेवा की मिसाल रहा है। प्रदेश के लोगों ने हमेशा मुश्किल परिस्थितियों में एकजुट होकर समाज और देश के लिए योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि इस परंपरा को आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है।
उनके मुताबिक, समाज में आपसी विश्वास और सहयोग की भावना मजबूत होगी, तभी पंजाब विकास और खुशहाली की दिशा में आगे बढ़ सकेगा। धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसी संस्थाएं लोगों को सेवा, विनम्रता और मानवता के मूल्यों से जोड़ने का काम करती हैं।
नशे की समस्या और युवाओं का भविष्य बड़ी चुनौती
मुलाकात के दौरान परगट सिंह ने पंजाब के सामने मौजूद विभिन्न सामाजिक चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं के भविष्य और नशे की समस्या पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से युवाओं को दूर रखने के लिए सरकार के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
परगट सिंह के अनुसार, युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों, शिक्षा, खेल और रोजगार से जोड़ने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। केवल सरकारी योजनाओं से इन समस्याओं का पूरी तरह समाधान संभव नहीं है। इसके लिए परिवारों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
संत-महापुरुषों की शिक्षाओं को बताया प्रेरणादायक
परगट सिंह ने बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों से मुलाकात के दौरान संत-महापुरुषों की शिक्षाओं का महत्व भी बताया। उन्होंने कहा कि संतों की वाणी समाज को प्रेम, सेवा, विनम्रता और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
उनका कहना था कि आध्यात्मिक संस्थाएं समाज में आपसी विश्वास और भाईचारे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। जब समाज के लोग एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना रखते हैं, तो सामाजिक एकता और मजबूत होती है।
उन्होंने बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों का आशीर्वाद लेते हुए पंजाब की शांति, एकता, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राधा स्वामी सत्संग ब्यास की सामाजिक सेवाओं का महत्व
राधा स्वामी सत्संग ब्यास देश की प्रमुख आध्यात्मिक संस्थाओं में शामिल है। इसका मुख्यालय पंजाब के अमृतसर जिले के ब्यास में स्थित है। संस्था आध्यात्मिक सत्संग के साथ सेवा और मानव कल्याण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के लिए भी जानी जाती है।
संस्था के अनुयायी देश और विदेश के विभिन्न हिस्सों में मौजूद हैं। ब्यास स्थित मुख्य केंद्र में समय-समय पर बड़े धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन होते हैं। यहां आयोजित होने वाले सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं।
संस्था की ओर से सामुदायिक रसोई, स्वास्थ्य सेवाओं, रक्तदान और अन्य मानवीय सहायता से संबंधित गतिविधियां भी संचालित की जाती हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से सेवा और परोपकार की भावना को बढ़ावा दिया जाता है।
परगट सिंह ने की पंजाब की खुशहाली की कामना
मुलाकात के अंत में परगट सिंह ने कहा कि पंजाब की सामाजिक एकता और साझा विरासत को मजबूत बनाए रखना सभी पंजाबियों का सामूहिक संकल्प होना चाहिए। उन्होंने राज्य में शांति, सद्भाव और खुशहाली के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पंजाब ने देश को हमेशा आपसी प्रेम, धार्मिक सहिष्णुता और मानवता की सेवा का रास्ता दिखाया है। आने वाली पीढ़ियों तक इन मूल्यों को पहुंचाना और समाज में भाईचारे की भावना बनाए रखना जरूरी है।
परगट सिंह ने बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों से शिष्टाचार मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। इस मुलाकात का सार्वजनिक रूप से सामने आया संदेश पंजाब में सामाजिक एकता, अमन-शांति और सामूहिक विकास को मजबूत करने पर केंद्रित रहा। मुलाकात में किसी राजनीतिक समझौते या चुनावी चर्चा की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।